एफएसडीए की टीम ने की वाराणसी के दो मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों की जांच, दवाओं के लिए लिए गए नमूने
हेरिटेज इंस्टीट्यूट और बीएचयू के आयुर्विज्ञान संस्थान की फार्मेसियां यूपीएफएसडीए के विशेष अभियान में शामिल, प्रदेशभर में 15 मेडिकल कॉलेजों की हुई औचक जांच
लखनऊ/वाराणसी। मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उचित दर पर उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के विशेष अभियान के तहत वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और आयुर्विज्ञान संस्थान, बीएचयू की फार्मेसियों की भी जांच की गई। प्रदेश के नौ जिलों में 50 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने 15 मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों का औचक निरीक्षण किया। इनमें चार राजकीय और 11 निजी संस्थान शामिल हैं। अभियान के दौरान दवाओं की गुणवत्ता, खरीद-बिक्री दर, भंडारण, बिलिंग, स्टॉक रजिस्टर और कोल्ड-चेन व्यवस्था की पड़ताल करते हुए कुल 90 दवाओं के नमूने लिए गए।

खरीद दर और मरीजों से वसूली गई कीमत का हुआ मिलान
24 सितंबर से शुरू हुए अभियान में मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों में जीवनरक्षक और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा उनकी कीमतों की जांच की गई। टीमों ने यह भी देखा कि दवाएं किस कीमत पर खरीदी गईं और मरीजों को किस दर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग के अनुसार कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों में दवाओं के खरीद मूल्य और एमआरपी में काफी अंतर मिला। ऐसे मामलों में दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए।

दो मेडिकल कॉलेजों में डीपीसीओ का उल्लंघन
जांच में तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद में चार और जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़ में तीन दवाओं में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ)-2013 के उल्लंघन की जानकारी सामने आई। संबंधित निर्माता फर्मों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वहीं, हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बाराबंकी और जीएस मेडिकल कॉलेज, हापुड़ में कोल्ड-चेन व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिली।

4.86 करोड़ की दवाओं की बिक्री पर रोक
संतोष मेडिकल कॉलेज, गाजियाबाद में आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी विसंगतियां मिलने पर 4.86 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई। कुछ फार्मेसियों में दवाओं के क्रय बिल उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिस पर संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जा रहे हैं।

76 दवाओं में सीलिंग प्राइस से अधिक एमआरपी
विभागीय अभिलेखों के अनुसार पिछले एक वर्ष में 76 दवाओं में डीपीसीओ-2013 के तहत निर्धारित सीलिंग प्राइस से अधिक एमआरपी पर बिक्री के मामले सामने आए। इस संबंध में 15 औषधि विनिर्माण इकाइयों के 49 सीएंडएफ, डिस्ट्रीब्यूटर और स्टॉकिस्ट को नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे एनपीपीए की वैधानिक छूट से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।

वाराणसी के दोनों संस्थान भी जांच के दायरे में
अभियान के तहत आगरा, अयोध्या, बाराबंकी, बरेली, गाजियाबाद, हापुड़, कानपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और वाराणसी के मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों की जांच की गई। वाराणसी में हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और आयुर्विज्ञान संस्थान, बीएचयू की फार्मेसियां भी जांच के दायरे में रहीं। विभाग ने डीपीसीओ और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं।

