कच्चे घर से चीन के मैदान तक..., काशी की मधु ने हॉकी में लहराया परचम

123
WhatsApp Channel Join Now

जूनियर महिला एशिया कप जीतकर लौटीं मधु पटेल, एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

मां स्कूल में दाई, पिता किसान, आर्थिक तंगी के बीच भाइयों के साथ घर में किया अभ्यास, अब 2027 वर्ल्ड कप और ओलंपिक पर निगाह

मिट्टी के मैदान से एस्ट्रोटर्फ तक का तय किया सफर,  पहली हॉकी किट मिलने पर लगा सब कुछ मिल गया

पाकिस्तान को 19-0 से हराना रहा यादगार, यूपी में खिलाड़ियों के सम्मान का उठाया सवाल

रिपोर्ट - ओमकार नाथ

वाराणसी। चीन की धरती पर भारतीय राष्ट्रगान की गूंज और हाथों में लहराता तिरंगा... यह पल वाराणसी की बेटी मधु पटेल के लिए जिंदगी भर की याद बन गया। जूनियर महिला एशिया कप 2026 में चीन को हराकर भारतीय टीम के खिताब जीतने के बाद मधु सोमवार को अपने शहर लौटीं तो एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत हुआ। घर पहुंचने तक जश्न का सिलसिला जारी रहा। बेटी की उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी की लहर है।

123

मां स्कूल में दाई, पिता किसान... संघर्ष से संवरे सपने
मधु की सफलता के पीछे परिवार का संघर्ष भी जुड़ा है। उनकी मां स्कूल में दाई का काम करती हैं, जबकि पिता किसान हैं। मां ने बताया कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए पढ़ाई जरूरी है, यह बात उन्हें स्कूल में काम करते हुए समझ आई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा में कमी नहीं आने दी। कई बार परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन मधु के सपनों को पूरा करने में माता-पिता ने पूरा साथ दिया।

123

15 साल की उम्र में थामी हॉकी स्टिक
मधु ने करीब 15 साल की उम्र में हॉकी खेलना शुरू किया। उनके भाई हॉकी खेलने जाते थे। एक दिन उन्होंने भी खेलने की जिद की तो भाई उन्हें मैदान पर ले गए। वहां कोच ने लड़कों के साथ अभ्यास कराया। उस समय मैदान में केवल दो लड़कियां हॉकी खेलती थीं। रनिंग के दौरान कोच ने मधु की प्रतिभा पहचानी और उन्हें खेल जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने भाइयों के साथ नियमित अभ्यास कर हॉकी की बारीकियां सीखीं।

123

घर में मवेशी, बाहर मैदान नहीं... फिर भी नहीं मानी हार
मधु के घर में मवेशी रहते थे और अभ्यास के लिए मैदान के अलावा कोई दूसरी जगह नहीं थी। घर के काम और मवेशियों को चारा-पानी देने के बाद वह भाइयों के साथ घर पर ही हॉकी का अभ्यास करती थीं। धीरे-धीरे खेल में सुधार हुआ और उन्हें साईं हॉस्टल में प्रवेश मिला। यहां बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिला।

123

आर्थिक तंगी के कारण शुरुआत में हॉकी किट खरीदना भी मुश्किल था। मधु ने बताया कि पहले केवल टी-शर्ट पहनकर मैदान जाती थीं। बाद में ओलंपियन विवेक के भाई राहुल सर ने उन्हें पहली हॉकी किट दिलाई। किट मिलने की खुशी उनके लिए बेहद खास थी। इसके बाद मैचों में मिलने वाली पुरस्कार राशि से भी किट खरीदने लगीं।

मिट्टी के मैदान से अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ तक
वाराणसी में मिट्टी के मैदान पर हॉकी शुरू करने वाली मधु का खेल एस्ट्रोटर्फ पर पहुंचकर और निखरा। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले कोच विपक्षी टीम के खिलाड़ियों की जानकारी देते थे। किस खिलाड़ी को कैसे रोकना है और गोल बचाने के लिए क्या रणनीति अपनानी है, इस पर विशेष तैयारी होती थी।

पाकिस्तान पर 19-0 की जीत रही यादगार
मधु ने बताया कि टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला सबसे रोमांचक रहा। भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 19-0 से हराया। इस जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता था। चीन की टीम को भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में दो बार हराया। फाइनल में जीत के बाद तिरंगा लहराना और चीन की धरती पर राष्ट्रगान बजना मधु के लिए गर्व का पल रहा।

अब 2027 वर्ल्ड कप और ओलंपिक पर नजर
मधु ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य 2027 में होने वाला वर्ल्ड कप है। इसके लिए बेंगलुरु में अभ्यास चल रहा है। वह भारतीय टीम के साथ वर्ल्ड कप जीतना चाहती हैं और धीरे-धीरे ओलंपिक तक पहुंचने की तैयारी कर रही हैं।

सम्मान नहीं मिलने पर उठाया सवाल
एशिया कप जीतकर लौटने के बाद मधु ने खिलाड़ियों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में जीतकर लौटे खिलाड़ियों का सम्मान किया जा रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी तक ऐसा कोई बड़ा सम्मान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन पर ध्यान देने की अपील की। कच्चे घर में भाइयों के साथ अभ्यास करने वाली मधु की यह उपलब्धि संघर्ष, परिवार के सहयोग और मेहनत की कहानी है। अब उनकी निगाहें देश के लिए अगला बड़ा खिताब जीतने पर टिकी हैं।

BK Pathak
BK Pathak

21174 Articles

Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

Share this story