कोरोना से महाकुंभ तक... विधायक नीलकंठ तिवारी ने बताई योगी सरकार के विकास की उपलब्धियां, कहा – आठ साल में काशी को मिली वैश्विक पहचान

neelkanth tiwari
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वाराणसी। योगी आदित्यनाथ सरकार के आठ वर्ष पूरे होने पर वाराणसी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों का बखान किया। उन्होंने खासतौर पर कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक महामारी कोरोना अपने चरम पर थी, तब उत्तर प्रदेश को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी, क्योंकि यह देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। पहले की सरकारों ने इसे पिछड़ा और बीमारू राज्य घोषित कर दिया था, लेकिन योगी सरकार ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया और कोरोना काल में बेहतरीन कार्य किए।

कोरोना काल में यूपी सरकार का प्रदर्शन

डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया और आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित कीं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया, जिससे उत्तर प्रदेश महामारी से प्रभावी रूप से लड़ने में सक्षम रहा। उन्होंने कहा कि सरकार के त्वरित फैसलों और प्रशासनिक सख्ती के कारण प्रदेश में हालात नियंत्रण में रहे।

महाकुंभ में बना रिकॉर्ड, बिना किसी घटना के हुआ आयोजन: नीलकंठ तिवारी

विधायक ने उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यह भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद कोई आपराधिक घटना, चोरी, डकैती या महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की कोई शिकायत नहीं आई। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है और उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

काशी की बदलती तस्वीर और वैश्विक पहचान

विधायक ने कहा कि काशी न केवल भारत की सांस्कृतिक राजधानी है, बल्कि इसे वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को और अधिक बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण से लेकर घाटों के सौंदर्यीकरण तक, कई योजनाओं के माध्यम से काशी को एक नई पहचान मिली है।

धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का हुआ विकास

उन्होंने वाराणसी के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ धाम, माता अन्नपूर्णा मंदिर, बाबा काल भैरव, महामृत्युंजय मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर, मां संकठा मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, बनकटी हनुमान मंदिर, द्वादश ज्योतिर्लिंग और अन्य धार्मिक स्थल काशी की विरासत को संजोए हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन स्थलों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण से काशी की आध्यात्मिकता को और बल मिला है।

विद्वानों और साहित्यकारों का केंद्र बनी काशी

पक्के महाल की गलियों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि यहां कई प्रसिद्ध वैदिक परिवार और साहित्यकारों के निवास हैं। पंचगंगा घाट पर रामानंदाचार्य जी के योगदान से लेकर ठठेरी बाजार में हिंदी के जनक माने जाने वाले भारतेंदु हरिश्चंद्र के निवास तक, यह क्षेत्र हमेशा से विद्वानों और लेखकों का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी काशी की गलियों में वैदिक विचारधारा गूंजती है और यह नगर अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए है।

योगी सरकार के आठ वर्षों में हुआ ऐतिहासिक बदलावल: नीलकंठ

डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के नए आयाम छुए हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और धार्मिक स्थलों के विकास को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने यह भी कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकलकर एक सशक्त और समृद्ध प्रदेश के रूप में उभर रहा है।

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