पहली बार गांव से निकलीं पंडी की महिलाएं, पुलिस के मिशन शक्ति ने कराया काशी दर्शन, बाबा विश्वनाथ के दर्शन की वर्षों पुरानी इच्छा हुई पूरी 

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रिपोर्ट : ओमकार नाथ

वाराणसी। चंदौली जिले के नौगढ़ विकासखंड का पंडी गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से काफी दूर है। पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे इस गांव के अधिकांश लोगों ने कभी शहर का जीवन नहीं देखा। करीब 80 घरों वाले इस गांव की कई महिलाएं और पुरुष अपने पूरे जीवन में गांव की सीमाओं से बाहर नहीं निकल पाए। सोमवार को उनकी वर्षों पुरानी इच्छा उस समय पूरी हुई, जब पुलिस विभाग ने मिशन शक्ति अभियान के तहत उन्हें वाराणसी लाकर बाबा श्री काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए।

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इस पहल की शुरुआत उस समय हुई, जब कुछ दिन पहले वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण नौगढ़ क्षेत्र के भ्रमण के दौरान पंडी गांव पहुंचे। वहां महिलाओं से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि गांव की अधिकांश महिलाओं ने आज तक शहर नहीं देखा है। यह जानकर डीआईजी आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि यदि उन्हें कहीं ले जाया जाए तो वे क्या देखना चाहेंगी। महिलाओं ने सहज भाव से उत्तर दिया कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने की है।

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महिलाओं की इस सरल इच्छा ने पुलिस अधिकारियों को भावुक कर दिया। डीआईजी ने तत्काल चंदौली पुलिस को निर्देश दिए कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इन महिलाओं के लिए काशी दर्शन की व्यवस्था की जाए। डीआईजी के निर्देश पर सोमवार सुबह चंदौली पुलिस की विशेष बस पंडी गांव पहुंची। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के अनुसार, बस में गांव की 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी लाया गया। इनमें दुर्गावती देवी (46), सरस्वती (70), कलावती (42), पुष्पा (35) और प्रभावती (45) सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दो निरीक्षक और चार उपनिरीक्षक भी साथ रहे।

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वाराणसी पहुंचने के बाद सभी ग्रामीणों ने सबसे पहले बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद संकट मोचन हनुमान मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर सहित काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कराया गया। पहली बार शहर की चहल-पहल, चौड़ी सड़कें, मंदिरों की भव्यता और आधुनिक व्यवस्थाएं देखकर ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि मिशन शक्ति केवल महिलाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी माध्यम है। उन्होंने बताया कि पंडी गांव की महिलाओं की वर्षों पुरानी इच्छा को पूरा करना पुलिस के लिए संतोष का विषय है। वहीं एसपी आकाश पटेल ने कहा कि पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, आवागमन और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं ताकि ग्रामीणों की यात्रा सुखद और सुरक्षित रहे।


पंडी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। गर्मियों में प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाने से पेयजल संकट गहरा जाता है। मोबाइल नेटवर्क लगभग न के बराबर है, जिससे संचार व्यवस्था बाधित रहती है। अधिकांश ग्रामीण मजदूरी और जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं तथा सीमित आय में जीवनयापन करते हैं। ऐसे में पुलिस की इस पहल ने न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को सम्मान दिया, बल्कि उन्हें पहली बार शहर और उसकी संस्कृति से भी रूबरू होने का अवसर प्रदान किया।

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