वरुणा किनारे सीवर बैक-फ्लो रोकने के लिए बनेंगे ‘फ्लड पिलर’, जलजमाव पर अफसरों की तय होगी जवाबदेही
महापौर अशोक तिवारी ने की जलजमाव की समीक्षा, गली पिटों की नियमित सफाई के निर्देश
शहर के निचले इलाकों में लगाए गए 85 पंप, शिकायतों के 24 घंटे में निस्तारण के लिए बनेगा अलग कंट्रोल रूम
तेलियाबाग की तर्ज पर बीएचयू और लंका में जलजमाव के स्थायी समाधान की तैयारी
वाराणसी। बारिश और बाढ़ के दौरान वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में सीवर का पानी वापस आने की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अब ‘फ्लड पिलर’ बनाने की योजना तैयार कर रहा है। इसके जरिए बाढ़ के दौरान सीवर के बैक-फ्लो को रोकने का प्रयास किया जाएगा। वहीं शहर में जलजमाव की समस्या को लेकर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए गली पिटों की सफाई में लापरवाही पर संबंधित सहायक अभियंताओं (एई) और अवर अभियंताओं (जेई) की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में महापौर ने शहर में जलजमाव और जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की। लगातार बारिश के कारण तैरता कचरा यानी फ्लोटिंग मैटेरियल गली पिटों में फंसने की समस्या सामने आई है। इससे कई स्थानों पर पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। महापौर ने स्वास्थ्य, सामान्य और जलकल विभाग को आपसी समन्वय के साथ गली पिटों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा है।
24 घंटे में दूर करनी होगी जलजमाव की समस्या
महापौर ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को बाढ़ और बारिश से जुड़ी जलजमाव की शिकायतों के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी जोनल अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर जलभराव वाले स्थानों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर ने स्पष्ट किया कि गली पिटों की सफाई में लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिन क्षेत्रों में जरूरत महसूस होगी, वहां नए गली पिट भी बनाए जाएंगे।

निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए लगाए गए 85 पंप
बैठक में मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र ने बताया कि शहर के निचले और जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए 85 पंप लगाए गए हैं। महापौर ने इन पंपों की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि यह भी दर्ज किया जाए कि प्रत्येक पंप रोज कितने घंटे चल रहा है।
जलभराव वाले इलाकों में पानी जमा होने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वरुणा किनारे ‘फ्लड पिलर’ से बैक-फ्लो रोकने की तैयारी
वरुणा नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान तटवर्ती इलाकों में सीवर के बैक-फ्लो की समस्या सामने आती है। इससे सीवर और नालियों का पानी वापस आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने का खतरा रहता है। नगर निगम अब इसके स्थायी समाधान के लिए ‘फ्लड पिलर’ बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बाढ़ के समय नदी की ओर से होने वाले बैक-फ्लो को बाधित करना और आसपास की आबादी को जलभराव तथा सीवर की समस्या से राहत दिलाना है।

बीएचयू और लंका के जलजमाव का निकलेगा स्थायी समाधान
बीएचयू अस्पताल और लंका क्षेत्र में जलजमाव की समस्या को भी नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बीएचयू अस्पताल में हाल में हुए जलभराव के बाद नगर निगम प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। इसके स्थायी समाधान के लिए बीएचयू प्रशासन के साथ मिलकर ‘स्टॉर्म वॉटर’ योजना तैयार की जा रही है।
सीएंडडीएस से प्रस्तावित नाले की ड्राइंग और डिजाइन भी मांगी गई है। महापौर ने निर्देश दिया कि जिस तरह तेलियाबाग मार्ग पर जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया गया, उसी तर्ज पर बीएचयू और लंका गेट क्षेत्र के लिए भी कार्ययोजना तैयार कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

त्रिनेत्र भवन से CCTV के जरिए देखी शहर की स्थिति
समीक्षा बैठक के बाद महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्मार्ट सिटी के त्रिनेत्र भवन पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड के जरिए शहर में जलजमाव की स्थिति देखी। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों और प्रमुख मार्गों की निगरानी की गई।
नगर निगम के मुताबिक ज्यादातर मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति नहीं दिखाई दी। इसके बावजूद अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी स्थान पर पानी जमा होने की सूचना मिलते ही जलनिकासी की व्यवस्था करने को कहा गया।

रात में चितईपुर, सामनेघाट, नगवां और अस्सी पहुंचे महापौर
दो दिन बाद शहर लौटे महापौर ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के साथ चितईपुर, सामनेघाट, नगवां वार्ड और अस्सी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया। भारी बारिश के बीच उन्होंने जलनिकासी की स्थिति देखी और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
नगर निगम की टीम भी रातभर जलनिकासी और बारिश से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सक्रिय रही। महापौर ने कहा कि काशी की जनता को हर संभव सुविधा देने और शहर को जलजमाव से मुक्त रखने के लिए नगर निगम की टीम लगातार काम कर रही है।

समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सीमा पांडेय, विनोद कुमार गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र समेत नगर निगम और जलकल के अधिकारी, जोनल अधिकारी तथा क्षेत्रीय पार्षद मौजूद रहे।

