डोमरी मियावाकी वन को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी एफआईआर, अनुबंधित एजेंसी कर रही देखभाल, निगरानी को गार्ड तैनात 

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वाराणसी। नगर निगम ने डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे शहरी वन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं और नकारात्मक प्रचार पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने या गलत सूचना फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि डोमरी की सरकारी जमीन पर लंबे समय से भू-माफियाओं की नजर थी। अवैध प्लाटिंग की मंशा विफल होने के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और गलत जानकारी प्रसारित कर विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘ऑक्सीजन क्लब’ के रूप में विकसित हो रहे इस वन को नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मियावाकी तकनीक एक प्रमाणित वैज्ञानिक पद्धति है। वर्तमान पतझड़ के मौसम में पौधों का पत्ते गिराना स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसे गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। परियोजना में सरकारी धन की बर्बादी के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि कार्य एक अनुबंधित एजेंसी द्वारा किया जा रहा है, जिसे तीन वर्षों तक वन विकसित करना है।

पौधों की सुरक्षा के लिए पांच सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। किसी भी पौधे को उखाड़ना, मिट्टी फेंकना या मवेशियों के जरिए नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण की इस पहल में सहयोग करें।

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