जैतपुरा में कबाड़ गोदाम में लगी आग, आसपास की दर्जनों झोपड़ियां खाक, कई सिलेंडर हुए ब्लास्ट, फायरब्रिगेड की पांच गाड़ियां पहुंची
वाराणसी। शहर के जैतपुरा थाना क्षेत्र के बगवानाला इलाके में गुरुवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कबाड़ के गोदाम में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की झुग्गी-झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे कई छोटे सिलेंडर भी ब्लास्ट हुए। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना के बाद फायरब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और किसी तरह आग पर काबू पाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद लगातार छोटे-छोटे गैस सिलेंडरों में धमाके होने लगे, जिससे हालात और भयावह हो गए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

अग्निशमन अधिकारी इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके में आग लगी थी, जहां पश्चिम बंगाल के रहने वाले लोग निवास करते हैं और कबाड़ बीनने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक दर्जन झोपड़ियां आग की चपेट में आ गई थीं। हालांकि, समय रहते दमकल टीम की त्वरित कार्रवाई से आग को और फैलने से रोक लिया गया।

स्थानीय निवासी रेनू ने बताया कि जब उन्होंने धुआं उठता देखा तो तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग चुनाव के कारण अपने घरों को गए हुए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं संदीप कुमार ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि 15-20 मिनट के भीतर ही उसने विकराल रूप ले लिया।

किरन देवी और शीतल देवी ने भी घटना की भयावहता का जिक्र करते हुए बताया कि आग के दौरान 8 से 10 छोटे सिलेंडरों में विस्फोट हुए, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई थी। उन्होंने कहा कि झुग्गी में रहने वाले लोगों को एक स्थानीय व्यक्ति ने रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। घटना में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई परिवारों का आशियाना जलकर राख हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।






