Festival Calendar 2026 | काशी विश्वनाथ मंदिर ने जारी की 43 व्रत-पर्वों की सूची, 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी और 24 नवंबर को देव दीपावली

WhatsApp Channel Join Now
वाराणसी। काशी नगरी के श्रद्धालुओं के लिए वर्ष 2026 का धार्मिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुल 43 प्रमुख व्रत और पर्वों की सूची श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट की ओर से सार्वजनिक की गई है। ट्रस्ट ने यह सूची अपने आधिकारिक एप पर “आगामी कार्यक्रम” शीर्षक के अंतर्गत जारी की है, जिससे श्रद्धालु पूरे वर्ष के धार्मिक आयोजनों की पूर्व तैयारी कर सकें।

ट्रस्ट के अनुसार वर्ष 2026 में काशी के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में महाशिवरात्रि 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। वहीं, वर्ष का पहला बड़ा पर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी (बुधवार) को और वसंत पंचमी 23 जनवरी (शुक्रवार) को होगी। ये पर्व काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की शुरुआत माने जाते हैं।

कैलेंडर के मुताबिक 27 फरवरी (शुक्रवार) को काशी की प्रसिद्ध रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी, जो बाबा विश्वनाथ के गौना उत्सव से जुड़ी मानी जाती है। इसके बाद 3 मार्च (मंगलवार) को काशी में भव्य होली रंगोत्सव आयोजित होगा, जबकि काशी के बाहर होली 4 मार्च (बुधवार) को मनाई जाएगी। रंगभरी एकादशी और होली के दौरान काशी में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है।

गर्मियों में 25 मई (सोमवार) को गंगा दशहरा मनाया जाएगा, जो मां गंगा के अवतरण का पर्व है। इसके बाद 16 जुलाई (बृहस्पतिवार) को काशी के लक्खा मेलों में शामिल रथयात्रा मेला आयोजित होगा। श्रावण और भाद्रपद माह के दौरान नाग पंचमी, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व श्रद्धा के साथ मनाए जाएंगे।

शरद काल में 10 अक्तूबर (शनिवार) को पितृ विसर्जन अमावस्या होगी, जिसके बाद 11 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होंगे। 20 अक्तूबर (मंगलवार) को विजयादशमी के साथ नवरात्र का समापन होगा। दीपावली पर्व 8 नवंबर (रविवार) को मनाई जाएगी, जबकि 9 नवंबर को अन्नकूट और गोवर्धन पूजा होगी।

वर्ष 2026 का सबसे भव्य और आकर्षक आयोजन देव दीपावली 24 नवंबर (मंगलवार) को होगा। इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती भी पड़ रही है। देव दीपावली के अवसर पर गंगा घाटों पर लाखों दीपों से काशी जगमगा उठती है, जिसे देखने देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। इसके एक दिन पहले 23 नवंबर (सोमवार) को बैकुंठ चतुर्दशी और विश्वनाथ प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाएगा।

ट्रस्ट का कहना है कि इस सूची से श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष के धार्मिक कार्यक्रमों की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और दर्शन-पूजन के साथ यात्रा योजना बनाना आसान होगा। काशी की परंपरा के अनुसार इन पर्वों के दौरान मंदिर और घाटों पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, आरती और आयोजन किए जाएंगे।

Share this story