भीषण गर्मी में धरना के दौरान बीएचयू मधुबन पार्क में महिला कर्मचारी बेहोश, मांगों को लेकर कर्मचारी अडिग
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहे कर्मचारियों के धरने के दौरान सोमवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई। भीषण गर्मी के बीच धरना दे रही एक महिला कर्मचारी अचानक बेहोश हो गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बेहोश महिला की पहचान बिंदु यादव के रूप में हुई है।
धरना स्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। सहकर्मियों के अनुसार, तेज गर्मी, उमस और लगातार कई दिनों से धरने पर बैठे रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
बीएचयू के संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पिछले 12 दिनों से मधुबन पार्क में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। उनकी मुख्य मांग नियमितीकरण को लेकर है। कर्मचारी लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर अपने नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इतने दिनों से प्रदर्शन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचा है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि मजबूरी में उन्हें इस कठिन परिस्थिति में भी धरना जारी रखना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर महिला कर्मचारियों की संख्या भी अच्छी-खासी है, जो इस तपती गर्मी में लगातार बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार की घटना ने इस खतरे को और स्पष्ट कर दिया है।
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द वार्ता के लिए आगे आएं और उनकी समस्याओं का समाधान निकालें। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

