जीवितपुत्रिका पूजन के लिए अस्सी घाट पर उमड़ेगी व्रती महिलाएं, साफ-सफाई में जुटा नगर निगम प्रशासन
गंगा का जलस्तर घटने के बाद सीढ़ियों पर जमी सिल्ट बनी थी फिसलन की वजह, 10 सफाईकर्मियों ने संभाला मोर्चा
वाराणसी। जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत के अवसर पर शनिवार शाम अस्सी घाट समेत प्रमुख गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अस्सी घाट की सीढ़ियों और आसपास के हिस्सों में सफाई कराई गई। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद घाट की सीढ़ियों पर जमा सिल्ट को हटाकर आवागमन सुगम बनाने का प्रयास किया गया।
हाल में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अस्सी घाट का काफी हिस्सा पानी में डूब गया था। जलस्तर घटने के बाद पानी उतरने पर सीढ़ियों और घाट के किनारे मोटी परत के रूप में सिल्ट जम गई थी। सिल्ट के कारण सीढ़ियां फिसलन भरी हो गई थीं। जितिया व्रत के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं के घाट पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने पहले ही सफाई अभियान शुरू कराया।

10 सफाईकर्मियों ने संभाली जिम्मेदारी
विशेष अभियान के तहत करीब 10 सफाईकर्मियों को लगाया गया। कर्मचारियों ने घाट की सीढ़ियों पर जमा सिल्ट को हटाने के साथ ही आसपास के हिस्से की भी सफाई की। सिल्ट हटाए जाने के बाद घाट को श्रद्धालुओं के स्नान और आवागमन के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। नगर निगम की टीम ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया, जहां सिल्ट अधिक मात्रा में जमा थी। सफाई के दौरान सीढ़ियों और किनारे के हिस्सों को साफ कर फिसलन कम करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान घाट पर स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
खाद्य एवं सफाई निरीक्षक की देखरेख में चला अभियान
नगर निगम का विशेष सफाई अभियान भेलूपुर के खाद्य एवं सफाई निरीक्षक शिवेश तिवारी की देखरेख में चलाया गया। सफाई पर्यवेक्षक ब्रजेन्द्र पाठक, अनुजय सिंह और घनश्याम सिंह ने कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई कार्य कराया।अभियान में रामजी, बंदना, गोलू, चम्पा, गीता, आशा, मटरू, गुड्डू और ललिता समेत अन्य सफाईकर्मी शामिल रहे। टीम ने घाट की सीढ़ियों के साथ आसपास के हिस्सों को भी व्यवस्थित किया।

नगर निगम अधिकारियों के निर्देश पर घाट की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की भीड़ और गंगा के जलस्तर को देखते हुए जरूरत पड़ने पर आगे भी विशेष सफाई अभियान चलाने की तैयारी है। जितिया व्रत के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सफाई के साथ सुरक्षा और सुगम आवागमन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

