मरहूम उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिवार वालों ने कहा- विपक्ष कर रहा गलत पोस्ट, नगर निगम ने भी अखिलेश और संजय सिंह के दावों को नकारा
वाराणसी। भारत रत्न और शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पैतृक आवास को लेकर वाराणसी में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर मकान तोड़े जाने का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों के बीच उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिवार और वाराणसी नगर निगम का स्पष्टीकरण सामने आया है। दोनों का कहना है कि करीब 100 साल पुराना मकान जर्जर हो चुका था और परिवार अपनी सहमति से उसका पुनर्निर्माण करा रहा है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भवन के ध्वस्तीकरण में नगर निगम अथवा जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा- 'जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करें?'
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकान के मलबे का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा, "जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करें?"
अखिलेश यादव ने आगे भाजपा और उसके समर्थकों की सोच पर सवाल उठाते हुए लिखा कि वे कला और कलाकारों के खिलाफ रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरातनपंथी और रूढ़िवादी सोच रखने वाले लोग रचनात्मक व्यक्तियों को समाज में परिवर्तन की भूमिका निभाने के कारण स्वीकार नहीं करते।
अखिलेश यादव की ओर से साझा किए गए वीडियो पर लिखा था, "भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान देश को शहनाई की धुन दी और निकम्मी सरकार ने उन्हीं के घर पर बुलडोजर चला दिया।"
इस पोस्ट के जरिए सपा अध्यक्ष ने उस्ताद के मकान को तोड़े जाने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
इस संबंध में अवगत कराना है कि वाराणसी नगर निगम द्वारा काशी की प्रतिष्ठित विभूतियों के सम्मान में उनके आवास तक जाने वाले मार्गों को उनके जीवन एवं कृतित्व की थीम पर विकसित करने तथा उनके आवास के किसी कक्ष को संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ जी के परिवारजनों से उनके आवास में संग्रहालय विकसित किए जाने के संबंध में वार्ता की गई थी, जिस पर उनके द्वारा सहमति प्रदान नहीं की गई। परिवारजनों द्वारा भवन को जर्जर बताते हुए स्वयं ध्वस्त कराकर अपने स्तर से पुनर्विकास किए जाने की इच्छा व्यक्त की गई थी। तदनुसार, उक्त भवन का ध्वस्तीकरण परिवार द्वारा स्वयं कराया गया। चूंकि इस संबंध में नगर निगम को सहमति प्राप्त नहीं हुई थी, अतः नगर निगम द्वारा न तो संग्रहालय विकसित करने का कार्य किया गया और न ही भवन के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में कोई भूमिका रही है।
— नगर निगम वाराणसी Nagar Nigam Varanasi (@nagarnigamvns) November 7, 2026
संजय सिंह ने पीएम मोदी से पूछा- 'आपको शर्म नहीं आती?'
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाराणसी पुलिस पर निशाना साधा।
संजय सिंह ने एक्स पर मकान से संबंधित दो वीडियो साझा करते हुए लिखा, "आदरणीय @narendramodi जी क्या आपको शर्म नहीं आती? ये भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान साहेब का घर है, देखिए कैसे घर में तोड़ फोड़ चल रही है?"
उन्होंने वाराणसी पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए लिखा, "कैसे @varanasipolice घर में घुसकर डरा धमका रही है।"
संजय सिंह के इन आरोपों के बाद मकान के ध्वस्तीकरण और प्रशासन की कथित भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।
नगर निगम ने किया स्पष्ट- परिवार स्वयं करा रहा पुनर्निर्माण
इस पूरे विवाद के बीच नगर निगम वाराणसी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की।
नगर निगम ने लिखा, "इस संबंध में जांच कराए जाने पर ज्ञात हुआ है कि भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां जी का आवास वर्तमान में जर्जर अवस्था में होने के कारण उनके परिवारजनों द्वारा स्वयं अपने स्तर से उसके नवीनिकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसके क्रम में पूर्व से निर्मित भवन के स्ट्रक्चर का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।"
नगर निगम ने आगे स्पष्ट किया, "उक्त कार्यवाही पूर्णतः परिवारजनों द्वारा स्वयं कराई जा रही है। इसमें वाराणसी नगर निगम अथवा जिला प्रशासन की कोई भूमिका, सहभागिता या सरोकार नहीं है।"
नगर निगम के इस आधिकारिक बयान के बाद विपक्ष की ओर से सरकार और प्रशासन पर लगाए गए आरोपों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस संबंध में जांच कराए जाने पर ज्ञात हुआ है कि भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ जी का आवास वर्तमान में जर्जर अवस्था में होने के कारण उनके परिवारजनों द्वारा स्वयं अपने स्तर से उसके नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसके क्रम में पूर्व से निर्मित भवन के स्ट्रक्चर का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है। उक्त कार्यवाही पूर्णतः परिवारजनों द्वारा स्वयं कराई जा रही है। इसमें वाराणसी नगर निगम अथवा जिला प्रशासन की कोई भूमिका, सहभागिता या सरोकार नहीं है।
— नगर निगम वाराणसी Nagar Nigam Varanasi (@nagarnigamvns) November 7, 2026
परिजनों का कहना है कि मकान करीब 100 साल पुराना होने के कारण काफी जर्जर हो चुका था। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी।
परिवार के अनुसार, मकान का पुनर्निर्माण कराने का निर्णय आपसी सहमति से लिया गया है। इसके लिए किसी प्रकार का सरकारी दबाव या जबरदस्ती नहीं की गई है।
परिजनों ने दावा किया कि आवश्यक अनुमतियां लेने के बाद निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से सहयोग मिलने की बात भी कही।
उस्ताद का कमरा बनेगा संग्रहालय, संजोई जाएंगी यादें
परिवार ने स्पष्ट किया है कि मकान के पुनर्निर्माण का उद्देश्य भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की विरासत को समाप्त करना नहीं है।
परिजनों के अनुसार, जिस कमरे में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां रहते थे, उसे संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां उनकी स्मृतियों और संगीत साधना से जुड़ी विरासत को संरक्षित करने की योजना है।
परिवार का कहना है कि जर्जर मकान को सुरक्षित बनाना जरूरी था, लेकिन उस्ताद की यादों को पूरी तरह संजोकर रखा जाएगा।
विपक्ष के आरोपों और आधिकारिक स्पष्टीकरण में विरोधाभास
इस मामले में अखिलेश यादव और संजय सिंह ने मकान के ध्वस्तीकरण को भाजपा सरकार और प्रशासन की कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर, नगर निगम ने जांच के आधार पर सरकारी भूमिका से स्पष्ट इनकार किया है, जबकि परिवार के प्रतिनिधियों ने भी स्वेच्छा से पुनर्निर्माण कराने की बात कही है।
देखें वीडियो, अखिलेश और संजय सिंह के आरोपों पर क्या बोला बिस्मिल्लाह खां का परिवार

