दोस्त की जगह इंटर की परीक्षा देने वाला फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार, एक साल बाद सिंधोरा पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
वाराणसी। इंटरमीडिएट की भौतिक विज्ञान परीक्षा में अपने मित्र के स्थान पर बैठकर परीक्षा देने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को सिंधोरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लगभग एक वर्ष पुराने इस चर्चित प्रकरण में पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम पियरी में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार यह मामला 6 मार्च 2025 का है, जब थाना सिंधोरा क्षेत्र स्थित एस.बी. इंटर कॉलेज, बूंची में इंटरमीडिएट की भौतिक विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को एक परीक्षार्थी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। प्रवेश पत्र और आधार कार्ड पर अंकित फोटो का मिलान करने पर पाया गया कि परीक्षा दे रहा युवक वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है।
जांच में सामने आया कि वैभव कुमार सिंह नामक छात्र के स्थान पर उसका मित्र नारायण भारद्वाज परीक्षा दे रहा था। मामले का खुलासा होते ही कक्ष निरीक्षक की तहरीर पर थाना सिंधोरा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान नारायण भारद्वाज का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी नारायण भारद्वाज ने बताया कि उसकी वैभव कुमार सिंह से घनिष्ठ मित्रता थी। वैभव भौतिक विज्ञान विषय में कमजोर था और अच्छे अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से उसने अपने स्थान पर उसे परीक्षा देने के लिए कहा था। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वैभव का आधार कार्ड और प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था और उसके स्थान पर परीक्षा दे रहा था। आरोपी ने बताया कि परीक्षा के दौरान जब कक्ष निरीक्षक दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे थे, तब उसे पकड़े जाने का आभास हो गया। गिरफ्तारी के डर से वह विद्यालय भवन की पहली मंजिल की छत से कूदकर मौके से फरार हो गया था और बाद में अपने घर लौट आया था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में वास्तविक परीक्षार्थी वैभव कुमार सिंह को 31 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं फरार चल रहे नारायण भारद्वाज को अब गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी नारायण भारद्वाज पियरी, थाना चौबेपुर का निवासी है। कार्रवाई उपनिरीक्षक श्वेतान्शु पाण्डेय, उपनिरीक्षक प्रवीण पाण्डेय, हेड कांस्टेबल रोशन त्रिपाठी और कांस्टेबल धर्मेन्द्र रजक की टीम ने की। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

