EXCLUSIVE: 25 दिसंबर को हो सकता है वाराणसी के नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले काशी को मिल सकती है बड़ी सौगात

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रिपोर्ट: अभिषेक अर्जुन सिंह | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट, Live VNS

  • UPCA के विशेष सूत्रों का दावा- 92 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा; पहले रणजी मैच, फिर 2027 में IPL मुकाबलों की तैयारी
  • रिपोर्ट: अभिषेक अर्जुन सिंह | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट, Live VNS

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बन रहा अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जल्द क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुल सकता है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के विशेष सूत्रों के अनुसार, स्टेडियम का उद्घाटन आगामी 25 दिसंबर 2026 को भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर किए जाने की तैयारी है। हालांकि, उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन UPCA से जुड़े विशेष सूत्रों का कहना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले स्टेडियम का उद्घाटन कराए जाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

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92 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा
स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। UPCA के विशेष सूत्रों के मुताबिक, परियोजना का 92 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य को भी निर्धारित समय के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। काशी की पहचान और आधुनिक खेल सुविधाओं के संगम के रूप में तैयार हो रहा यह स्टेडियम अब निर्माण के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।

पहले रणजी मैच, फिर IPL और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
सूत्रों के अनुसार, स्टेडियम के उद्घाटन के बाद यहां चरणबद्ध तरीके से क्रिकेट मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। सबसे पहले इस मैदान पर घरेलू क्रिकेट के मुकाबले, विशेष रूप से रणजी ट्रॉफी मैच आयोजित किए जाने की तैयारी है। इसके बाद वर्ष 2027 में IPL मुकाबलों की मेजबानी के लिए स्टेडियम को तैयार किया जाएगा। घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के सफल आयोजन के बाद यहां अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है। यानी काशी के क्रिकेट प्रेमियों को आने वाले वर्षों में रणजी ट्रॉफी से लेकर IPL और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।

ग्रीन पार्क और इकाना के बाद काशी की नई पहचान
वाराणसी का यह नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नया अध्याय जुड़ेगा। कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क और लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम के बाद वाराणसी प्रदेश का तीसरा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र होगा। पूर्वांचल में इस स्तर के मैदान के तैयार होने से स्थानीय और क्षेत्रीय खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में क्रिकेट के विस्तार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

30 हजार दर्शकों की क्षमता, भविष्य में 40 हजार तक विस्तार की तैयारी
वाराणसी के इस नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की शुरुआती दर्शक क्षमता 30,000 तय की गई है। भविष्य की जरूरतों और बड़े मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए इसकी क्षमता को 40,000 दर्शकों तक बढ़ाया जा सकता है। यह क्षमता भविष्य में IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी स्टेडियम को तैयार रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

काशी के घाटों जैसी दर्शक दीर्घा
स्टेडियम की डिजाइन में काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसकी दर्शक दीर्घा को वाराणसी के ऐतिहासिक गंगा घाटों की सीढ़ियों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। इस अनोखी वास्तुकला के जरिए आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ काशी की पारंपरिक पहचान को भी जोड़ने का प्रयास किया गया है।

करीब 450 करोड़ की लागत, डमरू और त्रिशूल की तर्ज पर डिजाइन
करीब ₹450 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम भगवान शिव और काशी की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। स्टेडियम की डिजाइन डमरू और त्रिशूल की तर्ज पर तैयार की जा रही है, जो काशी और भगवान शिव से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है। काशी की आध्यात्मिक पहचान और आधुनिक क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का यह संगम इसे देश के सबसे अनोखे क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल कर सकता है।

पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा बूस्ट
इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शुरू होने का असर सिर्फ खेल जगत तक सीमित नहीं रहेगा। रणजी ट्रॉफी, IPL और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन से पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। बड़े मैचों के दौरान खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, मीडिया और हजारों दर्शकों के वाराणसी पहुंचने से होटल, परिवहन, पर्यटन, खान-पान और स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है। काशी पहले से ही देश-दुनिया का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है। ऐसे में क्रिकेट स्टेडियम के रूप में एक बड़े स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के जुड़ने से स्पोर्ट्स टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

UPCA के लिए भी खास होगा यह स्टेडियम
वाराणसी का यह स्टेडियम UPCA के लिए विशेष महत्व रखता है। सूत्रों के मुताबिक, यह UPCA के अपने क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में तैयार हो रहा यह स्टेडियम पूर्वांचल के युवा क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। अब सभी की निगाहें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं कि क्या 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले, 25 दिसंबर 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर काशी के इस नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन होगा।

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