विद्यार्थियों की सुरक्षा पर जोर: वीडीए और अग्निशमन विभाग ने कोचिंग व शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों संग की मीटिंग, दिए निर्देश
वाराणसी। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शैक्षणिक संस्थानों में वैधानिक मानकों के पालन को लेकर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ जागरूकता बैठक आयोजित की। बैठक में भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग, अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
वीडीए सचिव की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में नगर नियोजक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों ने संस्थानों के प्रबंधकों एवं अधिकृत प्रतिनिधियों को विभिन्न नियमों और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी शैक्षणिक या कोचिंग संस्थान का संचालन केवल स्वीकृत भवन मानचित्र और निर्धारित भूमि उपयोग के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 तथा अन्य लागू नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

बैठक में संस्थानों को निर्देश दिया गया कि भवनों में पर्याप्त और अवरोध रहित आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अग्निशमन विभाग के मानकों के अनुरूप फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, होज रील और आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था जैसे उपकरण हमेशा क्रियाशील स्थिति में रखे जाएं। जहां आवश्यक हो, वहां फायर एनओसी प्राप्त कर उसका समय-समय पर नवीनीकरण कराने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों ने विद्युत सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वायरिंग, विद्युत पैनल और जनरेटर का नियमित निरीक्षण कराया जाए ताकि विद्युत जनित दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके। साथ ही संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को एकत्रित न करने, गलियारों को अवरोध मुक्त रखने और आपातकालीन निकासी योजना को प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने की भी सलाह दी गई।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और त्वरित बचाव उपायों की जानकारी भी दी।
वीडीए सचिव ने कहा कि शासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनसुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने संस्थानों से सभी आवश्यक अनुमतियां और प्रमाणपत्र समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वीडीए और अग्निशमन विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण अभियान जारी है। यदि किसी संस्थान में भवन मानचित्र, भूमि उपयोग या अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में हाल ही में हुई एक दुखद अग्निकांड घटना में मृत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। साथ ही सभी संस्थानों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई।

