बीएचयू से कैंट रेलवे स्टेशन तक शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा, विद्यार्थियों और यात्रियों को मिलेगी राहत, दो मुख्य मार्गों पर संचालन 

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर से वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन तक इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है। गुरुवार से शुरू हुई इस सेवा से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा आम यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के सहयोग से शुरू की गई इस सेवा के तहत प्रारंभिक चरण में आठ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इससे यात्रियों को सुरक्षित, किफायती, आरामदायक और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा।

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विश्वविद्यालय परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र से पहली इलेक्ट्रिक बस को रवाना कर सेवा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय समुदाय और यात्रियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से बीएचयू परिसर और कैंट रेलवे स्टेशन के बीच सीधी एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

 

दो प्रमुख मार्गों पर होगा संचालन
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन दो अलग-अलग मार्गों पर किया जाएगा।

पहला मार्ग:
बीएचयू परिसर → बीएलडब्ल्यू → कैंट रेलवे स्टेशन
दूसरा मार्ग:
बीएचयू परिसर → सिगरा → कैंट रेलवे स्टेशन

इन दोनों मार्गों के संचालन से शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले छात्रों, कर्मचारियों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को अब ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल मानी जाती हैं। इसके साथ ही ईंधन की खपत में कमी आने से परिवहन व्यवस्था भी अधिक टिकाऊ और किफायती बनेगी।

छात्रों और कर्मचारियों में खुशी
बीएचयू के विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने इस नई सुविधा का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कैंपस से रेलवे स्टेशन तक सीधे बस संचालन से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। विशेष रूप से बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं तथा नियमित रूप से ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से न केवल विश्वविद्यालय समुदाय बल्कि आम नागरिकों को भी लाभ होगा। यह पहल वाराणसी में हरित एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा के शुरू होने से बीएचयू और कैंट रेलवे स्टेशन के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल हो जाएगा।

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