माघी पूर्णिमा स्नान को लेकर काशी में व्यापक तैयारियां, श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा पर फोकस

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वाराणसी। माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर होने वाले पावन गंगा स्नान को लेकर काशी में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। माघी पूर्णिमा के अवसर पर देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। घाटों से लेकर रैनबसेरों और सुरक्षा व्यवस्था तक प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि माघ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का स्नान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस अवसर पर प्रयागराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर काशी पहुंचते हैं। यहां वे गंगा में स्नान, नवकायन, बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ-साथ मुंडन संस्कार जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर ली है।

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में जगह-जगह रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। इन रैन बसेरों में ठंड को देखते हुए कंबल, रजाई, चादर और तकिए सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। घाटों पर बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है।

विनोद कुमार ने बताया कि नए वर्ष के अवसर पर भी प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्थाएं की गई थीं, जिसके चलते लाखों श्रद्धालुओं ने सुचारू रूप से बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 25 दिसंबर से ही काशी में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। माघी पूर्णिमा के अवसर पर काशी का माहौल कुंभ और माघ मेले जैसा दिखाई दे रहा है, जहां हर ओर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

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