एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से वाराणसी में हरित मिशन की शुरुआत, नगर निगम ने रखा 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर निगम वाराणसी ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृहद पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत आदित्य नगर पोखरे परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। नगर निगम की ओर से इस वर्ष शहर में लगभग 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की शुरुआत आदित्य नगर पोखरे के आसपास 51 पौधों के रोपण से की गई। इनमें मौलश्री, पीपल, बरगद, अशोक और अमलताश जैसी पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियां शामिल हैं।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण जरूरी है। उन्होंने लोगों से केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने की भी अपील की।
राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अमूल्य हैं और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने के लिए हर नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ना चाहिए। उन्होंने इस पहल को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने पर बल दिया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और नगर निगम के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मदनमोहन तिवारी, सुरेश पटेल, श्याम भूषण शर्मा, राजीव पटेल, अतुल पांडेय, मनीष तिवारी, विनीत सिंह, अजय कुमार बिंद, गोपाल पटेल, पुन्नू लाल, कमलेश पटेल, रमाशंकर पटेल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पौधारोपण कार्यक्रम के उपरांत महापौर और नगर आयुक्त ने सरायनंदन वार्ड का दौरा कर नाला सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया तथा व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता और हरियाली दोनों ही शहर के सतत विकास के लिए आवश्यक हैं।

