पीएम मोदी के आह्वान का असर: भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष और काशी विद्यापीठ कुलपति ने दिया डीजल-पेट्रोल के बचत का संदेश
वाराणसी। प्रधानमंत्री के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने गुरुवार को एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने सुंदरपुर स्थित आवास से रोहनिया स्थित काशी क्षेत्र कार्यालय तक बाइक से यात्रा कर लोगों को ईंधन बचत का संदेश दिया। उनकी इस पहल को कार्यकर्ताओं और संगठन के भीतर सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। वहीं काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी आवास से पैदल चलकर ऑफिस पहुंचे।
कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संकट को देखते हुए ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन थोड़ी-थोड़ी ईंधन की बचत करता है, तो यह देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने आम लोगों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग न करें और साइकिल, पैदल या सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं।

उन्होंने कहा कि छोटी दूरी के लिए पैदल चलना या साइकिल का उपयोग न केवल ईंधन बचत करता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। पार्टी स्तर पर भी इस संदेश को आगे बढ़ाने की बात कही गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। भाजपा काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि संगठन स्तर पर इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल है और आने वाले दिनों में कई कार्यकर्ता भी इसी दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
इसी क्रम में काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने भी प्रधानमंत्री के ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ और ऊर्जा संरक्षण अभियान को आत्मसात करते हुए एक प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने अपने आवास से पैदल चलकर विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचकर सभी को संदेश दिया कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल, पैदल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी, जिससे ‘हरित और विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी भी उनके साथ पैदल कार्यालय पहुंचे। दोनों ही पहलें शहर में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत दे रही हैं।

