एयर शो के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में सावन सोमवार जैसी व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन का खाका तैयार
22, 24 और 25 अक्टूबर को संभावित भीड़ के मद्देनजर फैसला, प्रवेश-निकास मार्गों पर रहेगी विशेष निगरानी
वाराणसी। एयर शो के दौरान काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। 22, 24 और 25 अक्टूबर को धाम में श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए श्रावण मास के सोमवार की तर्ज पर व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में सुगम दर्शन कराना और मंदिर परिसर में भीड़ के दबाव को नियंत्रित करना है।
शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित सभागार में मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें मंदिर प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पुलिस विभाग तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में एयर शो के दौरान संभावित भीड़, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में तय किया गया कि भीड़ की स्थिति के अनुसार प्रवेश और निकास मार्गों का व्यवस्थित संचालन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित रहे और किसी स्थान पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो। संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
मूलभूत सुविधाओं को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रवेश और निकास मार्गों पर पर्याप्त व्यवस्था करने के साथ आवागमन को सुगम बनाया जाए। सभी संबंधित विभाग और कार्यदायी एजेंसियां अपने निर्धारित दायित्वों का पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
लगातार होगी निगरानी
बैठक में स्पष्ट किया गया कि धाम में अनुशासित व्यवस्था बनाए रखना सभी संबंधित इकाइयों की सामूहिक जिम्मेदारी होगी। भीड़ प्रबंधन के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे। धाम प्रशासन के अनुसार, एयर शो के दौरान श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर प्रशासन पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगा।

