दुर्गा मंदिर में मोबाइल जमा करने के नाम पर वसूली का आरोप, श्रद्धालुओं ने उठाए व्यवस्था पर सवाल, पुलिस ने जांच की बात कही
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से मोबाइल जमा कराने के नाम पर कथित अवैध वसूली और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर में मोबाइल जमा कराने के लिए प्रति मोबाइल 10 रुपये की दर से शुल्क लिया जा रहा है, जबकि इस संबंध में कहीं भी कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड या अधिकृत शुल्क सूची प्रदर्शित नहीं की गई है।

रविवार को आंध्र प्रदेश से दर्शन के लिए पहुंचे छह श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर में प्रवेश से पहले उन्हें मोबाइल जमा कराने के लिए मजबूर किया गया और कुल 60 रुपये वसूले गए। श्रद्धालुओं का आरोप है कि उनसे बिना किसी रसीद के पैसे लिए गए। जब उन्होंने शुल्क को लेकर सवाल उठाया तो वहां तैनात कुछ गार्डों और बाउंसरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक स्थल पर इस तरह का व्यवहार बेहद दुखद है और इससे बाहर से आने वाले लोगों के मन में गलत संदेश जा रहा है।
दर्शनार्थियों का कहना है कि मंदिर प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि मोबाइल जमा करने की सुविधा निःशुल्क है या शुल्क आधारित। ऐसे में श्रद्धालु असमंजस की स्थिति में रहते हैं और मजबूरी में पैसे देने पड़ते हैं। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर श्रद्धालुओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।

स्थानीय लोगों ने भी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दुर्गा मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, खासकर रविवार और त्योहारों पर यहां भारी भीड़ रहती है। ऐसे में मोबाइल, बैग और अन्य सामान जमा कराने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित है तो उसका स्पष्ट बोर्ड लगाया जाए और हर भुगतान पर रसीद देना अनिवार्य किया जाए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच की बात कही है। भेलूपुर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा शिकायत की सूचना मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामला सामने आने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।

