भीड़ वाले घाटों पर ड्रोन व सीसीटीवी कैमरे से निगरानी, पुलिस आयुक्त ने दिए निर्देश, मोटर बोट पर सवार होकर देखी नौका संचालन की व्यवस्था
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शहर के प्रमुख घाटों का स्टीमर एवं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और नाव संचालन गतिविधियों का व्यापक मूल्यांकन किया। सामने घाट से लेकर दशाश्वमेध घाट तक भ्रमण कर नौका संचालन और घाटों पर सुरक्षा इंतजाम का अवलोकन किया। पुलिस कमिश्नर ने भीड़ वाले घाटों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि नावों के लिए निर्धारित मार्गों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसी भी स्थिति में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाई जाएं। साथ ही प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि तेज हवा, अधिक जल प्रवाह और गहरे जल क्षेत्र में नौका संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाए।

घाटों पर स्थापित चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और वाटर सेफ्टी नेट का भी गहन निरीक्षण किया गया। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संकेतक स्पष्ट और आमजन के लिए आसानी से समझ में आने वाले हों। वाटर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल की मजबूती की जांच कर उनके नियमित रखरखाव और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घाटों पर स्नान करने वालों को केवल चिह्नित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही गहरे पानी में जाने से होने वाले संभावित खतरों के प्रति सचेत रहने की अपील की गई।

पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर लगातार पुलिस की मौजूदगी बनी रहे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। भीड़भाड़ वाले घाटों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ अन्य विभागों के समन्वय से स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

घाट निरीक्षण के बाद पुलिस आयुक्त ने थाना मण्डुआडीह का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने नवागंतुक आरक्षियों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने आवास, भोजन और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नव नियुक्त आरक्षियों को बीट आवंटन, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, सीसीटीएनएस, सीडीआर विश्लेषण, ऑपरेशन चक्रव्यूह, यक्ष ऐप और आरटीसी प्रणाली में दक्ष बनाकर उन्हें कुशल, अनुशासित और सक्षम पुलिसकर्मी के रूप में तैयार करने पर बल दिया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

