CGHS में स्वास्थ्य सुधारों की राष्ट्रीय समिति में शामिल हुए काशी के डॉ. मनोज शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया नामित, यूपी से एकमात्र सदस्य
43 लाख से अधिक लाभार्थियों वाली योजना की नीतियों और सेवाओं में सुधार पर देंगे सुझाव
वाराणसी। काशी के स्वास्थ्य क्षेत्र के उद्यमी एवं सलाहकार डॉ. मनोज कुमार शाह को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में सुधारों से जुड़े ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप का सदस्य नामित किया है। नौ अक्टूबर को जारी सूचना के अनुसार, उनका नामांकन हेल्थकेयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (NATHEALTH) की ओर से किया गया है। इस नामांकन को वाराणसी और पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. शाह इस समूह में उत्तर प्रदेश से नामित एकमात्र सदस्य हैं।
CGHS केंद्र सरकार के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके पात्र आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली प्रमुख योजना है। 17 मार्च 2026 को राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के अंतर्गत 43,67,202 लाभार्थी पंजीकृत थे, जबकि 2,824 स्वास्थ्य संस्थान इससे पैनलबद्ध थे। इतने बड़े नेटवर्क में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना, चिकित्सा दावों का समय पर निस्तारण और बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाएगा। इसमें अस्पतालों के पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया, रोगी सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन, चिकित्सा दावों के निस्तारण, भुगतान संबंधी समस्याओं और शिकायतों के प्रभावी समाधान जैसे विषयों पर चर्चा होगी। समूह के माध्यम से इन क्षेत्रों में सुधार के लिए सुझाव दिए जाएंगे।
डॉ. मनोज कुमार शाह को रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेवाओं और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। अपने नामांकन पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विवेकपूर्ण उपयोग, गुणवत्तापूर्ण उपचार तथा शिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया।
डॉ. शाह वाराणसी के रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित नीतिगत विमर्श में उनकी भागीदारी से काशी और पूर्वांचल की विशेषज्ञता को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। यह नामांकन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

