ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी भुगतान पर सवाल, डीपीआरओ ने सचिवों को जारी किया नोटिस 

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वाराणसी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने के बाद पंचायतों में वित्तीय कार्यों और भुगतान प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शासन द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य करने का निर्णय तो लिया गया है, लेकिन अभी तक जिला स्तर से कार्यों के अनुमोदन और भुगतान संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में कुछ ग्राम पंचायतों में किए गए भुगतानों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है।

चिरईगांव ब्लाक में हाल ही में स्थानांतरित किए गए ग्राम पंचायत सचिव आशुतोष द्वारा उमरहां, खानपुर और गोबरहां ग्राम पंचायतों में निवर्तमान ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और स्पष्टीकरण मांगा है।

इसी बीच चिरईगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाली खरगीपुर और खेतलपुर ग्राम पंचायतों में भी भुगतान को लेकर नया मामला सामने आया है। आरोप है कि इन दोनों ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम पंचायत सचिव रमाशंकर द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। बताया जा रहा है कि खरगीपुर ग्राम पंचायत में 8 जून 2026 को तथा खेतलपुर ग्राम पंचायत में 6 जून 2026 को दो लाख रुपये से अधिक की धनराशि का भुगतान किया गया।

इस मामले ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली और भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जब तक शासन अथवा जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हो जाते, तब तक इस प्रकार के भुगतान को लेकर भ्रम और विवाद की स्थिति बनी रह सकती है।

मामले के संबंध में जब प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) चिरईगांव संदीप सोनकर से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि भुगतान संबंधी दिशा-निर्देश उन्हें मोबाइल पर प्राप्त हुए हैं। हालांकि जब उनसे उक्त आदेश अथवा दिशा-निर्देश की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, तो उन्होंने इसकी प्रति देने से इंकार कर दिया।

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