सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में डीएम सख्त, राजस्व लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से राजस्व कार्यों, राजस्व न्यायालयों, कर-करेत्तर, चकबंदी और कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटल प्रभारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागवार राजस्व वसूली की स्थिति, विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति तथा अधिकारियों की रैंकिंग और ग्रेडिंग की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन विभागों की वसूली अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची है, वहां विशेष अभियान चलाकर राजस्व संग्रह में तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व वसूली की नियमित निगरानी और लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

बैठक में स्टाम्प एवं पंजीयन, आबकारी, परिवहन, विद्युत, खनन, मंडी समेत अन्य विभागों की राजस्व प्राप्तियों और वसूली की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने कर चोरी और राजस्व क्षति के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा प्रवर्तन कार्यों को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न विभागों की प्रगति, रैंकिंग और ग्रेडिंग के आधार पर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। कम प्रगति और अपेक्षित रैंकिंग हासिल नहीं करने वाले विभागों के अधिकारियों को सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंश निर्धारण से जुड़े लंबित प्रकरणों के अभियान चलाकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। प्रत्येक तहसील में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के साथ धारा-24 और धारा-34 से संबंधित वादों के लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को पुराने मामलों को चिह्नित कर उनके निस्तारण की दैनिक एवं साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा। स्थलीय निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व अभिलेख अद्यतन और त्रुटिरहित रखना शासन की प्राथमिकता है। भूमि संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता से कार्य करें। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में एडीएम सिटी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, एडीएम प्रशासन, सभी उप जिलाधिकारी और अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

