डीएम ने सीएम डैशबोर्ड कार्यों की समीक्षा की, अफसरों को दी चेतावनी, ग्रेडिंग नहीं सुधरी तो होगी कार्रवाई
वाराणसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर राजस्व कार्यों, राजस्व न्यायालयों तथा कर-करेत्तर विभागों की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विभागों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने अफसरों को चेताया कि यदि विभागों की ग्रेडिंग नहीं सुधरी तो विभागाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर मदों की समीक्षा करते हुए राजस्व, परिवहन, आबकारी, व्यापार कर (जीएसटी), स्टाम्प एवं पंजीयन, खनन और बाट-माप विभाग को लक्षित राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य करें, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने व्यापार कर (जीएसटी) के संयुक्त आयुक्त को निर्देश दिया कि वे अपने विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर प्रगति की समीक्षा करें और लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में सुधार लाएं। वहीं खनन अधिकारी को अवैध खनन के मामलों में चालान और नोटिस जारी कर राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि धारा-24 और धारा-34 के अंतर्गत लंबित राजस्व वादों को अभियान चलाकर युद्ध स्तर पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका निपटारा किया जाए।
उन्होंने धारा-98 के मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) से सभी तहसीलों में राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों के पास लंबित मामलों की सूची प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही धारा-67, 80, 116 और सीमांकन से जुड़े मामलों सहित अन्य राजस्व वादों की पेंडेंसी खत्म करने के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्विवाद वरासत, कुर्रा बंटवारा, आय प्रमाण पत्र, आईजीआरएस, हैसियतनामा तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों का प्रतिदिन अनुश्रवण कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने डिजी शक्ति योजना के लंबित मामलों के लिए उद्योग विभाग को तथा पेट्रोल पंपों के सत्यापन से जुड़े प्रकरणों के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया। वहीं बाट-माप विभाग में लंबित मामलों के कम निस्तारण पर नाराजगी जताते हुए संबंधित निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना में अधिक लंबित मामलों और सही जानकारी उपलब्ध न कराने पर एलआरसी तथा एंटी भू-माफिया पोर्टल के पटल सहायक को भी शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही मंडी सचिव द्वारा विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर उन्हें कार्यमुक्त करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अविवादित वरासत, अविवादित दाखिल-खारिज, क्रॉप कटिंग, ऑनलाइन भूमि बंधक, मत्स्य पालन पट्टा आवंटन, सीलिंग भूमि, आवासीय एवं कृषि भूमि आवंटन, वृक्षारोपण तथा चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की भी विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही रिट याचिकाओं, खतौनी अंश निर्धारण, खसरा, स्वामित्व योजना तथा रोस्टर के अनुसार खतौनियों के दाखिले जैसे कार्यों में भी प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व सदानंद गुप्ता, सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

