डीएम ने बाढ़ से निबटने की तैयारियों का जाना हाल, 15 जून से पहले व्यवस्थाएं पूरी करने के दिए निर्देश 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बाढ़ स्टियरिंग कमेटी की बैठक में सभी संबंधित विभागों को समय से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि वाराणसी में मुख्य रूप से गंगा, गोमती और वरुणा नदियों के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। गंगा नदी का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर, खतरे का निशान 71.26 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 73.90 मीटर निर्धारित है। जिलाधिकारी ने सामने घाट स्थित फ्लैपर गेट की समयबद्ध सफाई कराने और कचरे से अवरोध रोकने के लिए उस पर जाली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकतानुसार जनरेटर और पंपों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। अस्सी नदी पर फ्लैपर गेट निर्माण का प्रस्ताव भी शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया।

123

जिलाधिकारी ने रामपुर ढाब और ढेलवरिया में स्थायी बाढ़ राहत शिविर स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जनपद में स्थापित सभी बाढ़ राहत शिविरों का पुनः सत्यापन कर आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त भवनों का चिन्हांकन करने को कहा गया। राहत सामग्री जैसे खाद्यान्न, डिग्निटी किट, भूसा आदि की निविदाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों को विगत वर्षों के अनुभव के आधार पर क्षेत्रीय निरीक्षण कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक करने तथा पशुपालन विभाग को 15 जून से पहले दवाओं का भंडारण और टीकाकरण पूरा करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को सभी राहत शिविरों में चिकित्सकों की तैनाती और सर्पदंश के मद्देनजर एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, नगर क्षेत्र में नालों की सफाई कराने तथा चिरईगांव के कटान प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व से निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नावों का चिन्हांकन, नाविकों व गोताखोरों की सूची तैयार करने और राहत सामग्री की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि बाढ़ के दौरान तहसील सदर में 37, पिंडरा में 3 और राजा तालाब में 6 राहत शिविर स्थापित किए जाते हैं। इन शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ बचाव से जुड़ी सभी परियोजनाएं 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Share this story