सड़क हादसों पर मंडलायुक्त सख्त, ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार और स्कूल वाहनों की जांच के निर्देश
वाराणसी। मंडल में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा की और पिछले वर्ष की तुलना में मृतकों एवं घायलों की संख्या में वृद्धि पर चिंता जताई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को प्रत्येक सड़क दुर्घटना के कारणों की अलग-अलग समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट स्थलों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देशित किया कि कट प्वाइंट्स के पास रम्बल स्ट्रिप्स, ब्लिंकर और आवश्यक संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके। इसके अलावा रोड मर्जर प्वाइंट्स और अंडरपास के निकट स्पीड कंट्रोल और स्पीड कैल्मिंग उपाय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने मंडल के सभी जनपदों के एआरटीओ, पुलिस अधिकारियों और सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर ब्लैक स्पॉट स्थलों पर जरूरी सुधारात्मक कार्यवाही पूरी की जाए। बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र वाले किसी भी स्कूल वाहन का संचालन न होने पाए। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों की थाना-वार सूची पुलिस विभाग को उपलब्ध कराएगा, जबकि पुलिस विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों की जब्ती की भी व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा सरकार की हिट एंड रन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित लोगों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटनाओं की जांच कर मामलों को जिला सड़क सुरक्षा समिति को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने हिट एंड रन योजना के प्रचार-प्रसार के लिए मंडल के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर फ्लेक्स लगाने के निर्देश दिए। साथ ही राहगीरों की मदद करने वाले “गुड सेमेरिटन” यानी राहवीरों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

