राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में दिखा अनुशासन, छतों और बरामदों से हुई पुष्पवर्षा
वाराणसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की पूर्णता और 101वें वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर बुधवार को काशी में भव्य पथ संचलन निकाला गया। ओंकारेश्वर नगर, काशी मध्य भाग की ओर से आयोजित इस संचलन में सैकड़ों गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। संचलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

पथ संचलन का शुभारंभ राजघाट काशी स्टेशन से हुआ। यहां से स्वयंसेवक प्रहलाद घाट, मुकीमगंज, मछोदरी, कतुआपुरा, अम्बियामंडी, बलुआबीर, हनुमान फाटक और तेलियाना होते हुए कोनियां स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां संचलन का समापन हुआ। मार्ग में स्वयंसेवकों का अनुशासित स्वरूप लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। जगह-जगह छतों और बरामदों से माताओं-बहनों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

संचलन के दौरान स्वयंसेवक संघगीत गुनगुनाते हुए आगे बढ़ते रहे। इससे पूरा वातावरण उत्साह और राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत नजर आया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ के स्वर गूंजे। प्रार्थना के माध्यम से मां भारती के प्रति कृतज्ञता, समर्पण और देशप्रेम की भावना का संदेश दिया गया।

पथ संचलन के सफल आयोजन में भाग संपर्क प्रमुख नीरज, नगर संघचालक राजेश, नगर कार्यवाह रामेश्वर सहित अवधेश, शिवम, सत्यप्रकाश और केवल ने प्रमुख भूमिका निभाई।

