वाराणसी में सोलर ऊर्जा को लेकर संवाद : मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार रविकांत मिश्रा ने गिनाए सोलर पंप और रूफटॉप के फायदे
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को लेकर रविवार को वाराणसी में एक अहम संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार समूह के सदस्य एवं ऊर्जा विशेषज्ञ रविकांत मिश्रा ने जनपद के सोलर पंप लाभार्थियों, सोलर पंप प्रदाता वेंडर्स, विद्युत विभाग और यूपी नेडा के अधिकारियों के साथ सोलर पंप विस्तार और सोलर रूफटॉप योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य किसानों और आम उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ते हुए बिजली बचत और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा।

विकास भवन सभागार में हुई योजनाओं पर समीक्षा बैठक
रविकांत मिश्रा ने विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लाभान्वित किसानों और अन्य हितधारकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों के खेतों में स्थापित सोलर पंपों से हो रहे लाभों की जानकारी ली और सोलर रूफटॉप के जरिए घरेलू बिजली उत्पादन की प्रगति की समीक्षा की।

किसानों को मिल रहा सोलर पंप का सीधा लाभ
बैठक के दौरान पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों ने बताया कि सोलर पंप लगने के बाद उन्हें सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे खेती की लागत में कमी आई है और समय पर सिंचाई संभव हो पा रही है। किसानों ने यह भी बताया कि सोलर पंप से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता और लंबे समय तक यह एक स्थायी समाधान साबित हो रहा है।

सोलर रूफटॉप से बिजली बिल में भारी कमी
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों ने बताया कि अपने घरों की खाली छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने से उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम में किसी तरह का नियमित मेंटेनेंस नहीं है और सूर्य की रोशनी से मुफ्त बिजली उत्पादन हो रहा है। इससे न सिर्फ घरेलू खर्च घटा है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी बढ़ी है।
ऊर्जा बचत के साथ भूमि संरक्षण पर भी जोर
रविकांत मिश्रा ने कहा कि सोलर रूफटॉप और सोलर पंप योजनाएं केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे हजारों एकड़ भूमि की भी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिना अतिरिक्त भूमि उपयोग किए बिजली बनाई जा रही है, जो भविष्य की जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अधिकारी और वेंडर्स भी रहे मौजूद
बैठक में उपनिदेशक कृषि अमित जायसवाल, परियोजना प्रभारी यूपी नेडा, डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता, पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना से जुड़े वेंडर्स भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन, तकनीकी सहयोग और भविष्य की रणनीति पर अपने विचार साझा किए।

नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में वाराणसी बनेगा मॉडल जिला
संवाद के समापन पर रविकांत मिश्रा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वाराणसी को सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनाना है। इसके लिए किसानों, उपभोक्ताओं, विभागों और वेंडर्स के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग देती रहेगी।
यह संवाद कार्यक्रम न केवल सोलर योजनाओं की सफलता को दर्शाता है, बल्कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।

