43,435 दीपों से जगमगाएगा धर्मसंघ, 11 से सात दिवसीय करपात्र प्राकट्य महोत्सव
119वें प्राकट्य महोत्सव में गणपति लक्षार्चन, सामूहिक रुद्राभिषेक, करपात्र रत्न सम्मान और कुलपति सम्मेलन समेत होंगे विविध आयोजन
14 अगस्त को मुख्य समारोह, 15 को बटुक मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस; 16 अगस्त को राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर जुटेंगे कुलपति और शिक्षाविद
वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोभूमि श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल (श्री मणि मंदिर), दुर्गाकुंड में उनका 119वां प्राकट्य महोत्सव इस वर्ष 11 से 17 अगस्त तक सात दिवसीय भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में देशभर से श्रद्धालु, संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल होंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
रविवार को धर्मसंघ परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को गणपति लक्षार्चन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। सुबह सात बजे से एक लाख किशमिश (द्राक्षा फल) से गणपति की विशेष आराधना की जाएगी।

121 दंपतियां करेंगी सामूहिक रुद्राभिषेक
महोत्सव के दूसरे दिन 12 अगस्त को सुबह नौ बजे धर्मसंघ परिसर स्थित मंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक होगा। इसमें 121 दंपतियां एक साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
43,435 दीपों से सजेगा धर्मसंघ
13 अगस्त को प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या पर गोधूलि बेला में करपात्र दीपावली मनाई जाएगी। इस दौरान स्वामी करपात्री जी महाराज के प्राकट्य दिवस की स्मृति में 43,435 दीप एक साथ प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपों की रोशनी से धर्मसंघ परिसर आध्यात्मिक और भव्य वातावरण में सराबोर होगा।

14 अगस्त को मुख्य समारोह, दो विद्वानों को सम्मान
महोत्सव का मुख्य समारोह 14 अगस्त को शाम चार बजे आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्वानों और आचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। आचार्य पं. गायत्री प्रसाद पाण्डेय को करपात्र रत्न तथा आचार्य डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र को करपात्र गौरव सम्मान से विभूषित किया जाएगा। इसी दिन सुबह आठ बजे से देर रात तक अखंड भंडारे का आयोजन होगा। धर्मसंघ की ओर से श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया गया है।
बटुक देंगे राष्ट्रभक्ति का संदेश
15 अगस्त को धर्मसंघ परिसर में बटुकों की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के बीच राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रम महोत्सव का विशेष आकर्षण होंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर होगा कुलपति सम्मेलन
16 अगस्त को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वामी करपात्री जी के शिक्षण दर्शन’ विषय पर कुलपति सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और शिक्षाविद शामिल होंगे। सम्मेलन में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वामी करपात्री जी के शैक्षिक चिंतन के संदर्भ में विचार-विमर्श किया जाएगा।
गौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा से होगी पूर्णाहुति
धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पाण्डेय ने बताया कि 17 अगस्त को महोत्सव के अंतिम दिन प्रातः श्री गौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। धर्मसंघ से परंपरागत रूप से भव्य शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें श्रद्धालु और संत-महात्मा शामिल होंगे। यात्रा के दौरान गौरी केदारेश्वर का जलाभिषेक किया जाएगा। इसी के साथ सात दिवसीय 119वें करपात्र प्राकट्य महोत्सव की पूर्णाहुति होगी।
धर्मसंघ के अनुसार सात दिवसीय आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों, दीपोत्सव, सम्मान समारोह, राष्ट्रभक्ति और शिक्षा पर विमर्श को एक मंच पर लाया गया है। महोत्सव का उद्देश्य स्वामी करपात्री जी महाराज के आध्यात्मिक, धार्मिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजन को लेकर धर्मसंघ परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

