नागपंचमी पर प्राचीन नागकुआं मंदिर में उमड़े आस्थावान, नागराज कारकोटक से जुड़ा है नागकूप का रहस्य, जानिये महात्म्य 

WhatsApp Channel Join Now

कारकोटक वापी में श्रद्धालुओं ने नागदेवता को दूध, लावा और जल अर्पित कर की पूजा, नागेश्वर महादेव का किया अभिषेक

 महंत ने बताया मंदिर का पौराणिक महत्व, स्कंद पुराण के काशी खंड में कर्कोटक वापी का वर्णन, नागराज कारकोटक की तपस्या से जुड़ा है स्थान

 भक्तों ने नागेश्वर महादेव को चढ़ाया जल, दूध, तुलसी की माला और लावा

 कारकोटक वापी से नागलोक जाता है रास्ता, महर्षि पतंजलि की तपस्या से भी जुड़ा है स्थल 

 गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग के स्वयंभू और अनादि होने की मान्यता 

वाराणसी। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी यानी नागपंचमी के पावन पर्व पर काशी के ऐतिहासिक प्राचीन नागकुआं मंदिर (कारकोटक वापी) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नागकुंड में दूध, लावा और जल अर्पित कर नागदेवता की पूजा की। इसके साथ ही नागेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर जल, दूध, तुलसी की माला और लावा चढ़ाया। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और नागदेवता के जयघोष से गूंजता रहा।

 वाराणसी की हर महत्वपूर्ण खबर पढ़ने के लिए अभी फॉलो करें Live VNS का ऑफिशियल वाट्सऐप पेज 👇👇   https://whatsapp.com/channel/0029VaAPWex65yD2LWG35A25     Live VNS - भरोसा 1 दशक से लाखों बनारसियों का - बनारस की बात, बनारस के साथ  अपने शहर के लेकर देश-दुनिया, खेल, धर्म, आध्यात्म, राशिफल, पञ्चाङ्ग तथा फ़िल्म और व्यापार जगत की ताजा-तरीन खबरों को पढ़ने के लिए अभी डाउनलोड करें Live VNS का ऑफिशियल एंड्रॉएड ऐप।  http://play.google.com/store/apps/details?id=in.livevns.app.native

मंदिर के महंत आचार्य कुंदन पांडे ने नागपंचमी के अवसर पर मंदिर की धार्मिक परंपराओं और पौराणिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि काशी में नागकुआं को नागदेवता की आराधना के प्रमुख और अत्यंत पवित्र स्थलों में माना जाता है। श्रावण शुक्ल पंचमी को यहां विशेष पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

 वाराणसी की हर महत्वपूर्ण खबर पढ़ने के लिए अभी फॉलो करें Live VNS का ऑफिशियल वाट्सऐप पेज 👇👇   https://whatsapp.com/channel/0029VaAPWex65yD2LWG35A25     Live VNS - भरोसा 1 दशक से लाखों बनारसियों का - बनारस की बात, बनारस के साथ  अपने शहर के लेकर देश-दुनिया, खेल, धर्म, आध्यात्म, राशिफल, पञ्चाङ्ग तथा फ़िल्म और व्यापार जगत की ताजा-तरीन खबरों को पढ़ने के लिए अभी डाउनलोड करें Live VNS का ऑफिशियल एंड्रॉएड ऐप।  http://play.google.com/store/apps/details?id=in.livevns.app.native

स्कंद पुराण में मिलता है कारकोटक वापी का उल्लेख
महंत आचार्य कुंदन पांडे के अनुसार प्राचीन नागकुआं मंदिर का वर्णन स्कंद पुराण के काशी खंड में कारकोटक वापी के नाम से मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार राजा परीक्षित की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने नाग जाति के विनाश के लिए सर्प सत्र यज्ञ कराया था। यज्ञ में बड़ी संख्या में सर्प भस्म होने लगे।

नागों के राजा कारकोटक ने अपनी प्रजा और नाग जाति की रक्षा के लिए इसी स्थान पर नागेश्वर महादेव की घोर तपस्या की। भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्हें शरण प्रदान की। मान्यता है कि इसी के बाद यहां कारकोटेश्वर शिवलिंग की स्थापना हुई।

 वाराणसी की हर महत्वपूर्ण खबर पढ़ने के लिए अभी फॉलो करें Live VNS का ऑफिशियल वाट्सऐप पेज 👇👇   https://whatsapp.com/channel/0029VaAPWex65yD2LWG35A25     Live VNS - भरोसा 1 दशक से लाखों बनारसियों का - बनारस की बात, बनारस के साथ  अपने शहर के लेकर देश-दुनिया, खेल, धर्म, आध्यात्म, राशिफल, पञ्चाङ्ग तथा फ़िल्म और व्यापार जगत की ताजा-तरीन खबरों को पढ़ने के लिए अभी डाउनलोड करें Live VNS का ऑफिशियल एंड्रॉएड ऐप।  http://play.google.com/store/apps/details?id=in.livevns.app.native

नागलोक जाने का द्वार मानी जाती है कारकोटक वापी
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कारकोटक नाग अपनी पूरी नाग जाति के साथ इसी स्थान से नागलोक गए थे। इसी वजह से कारकोटक वापी को नागलोक जाने का द्वार भी माना जाता है। मंदिर की धार्मिक परंपराओं में इस मान्यता का विशेष स्थान है।

123

महर्षि पतंजलि की तपस्या से भी जुड़ा है स्थल
महंत के अनुसार नागकुआं का संबंध महर्षि पतंजलि की तपस्या से भी माना जाता है। यह स्थान अनादि काल से आध्यात्मिक साधना का केंद्र रहा है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ और इसकी महिमा युगों से चली आ रही है।

 वाराणसी की हर महत्वपूर्ण खबर पढ़ने के लिए अभी फॉलो करें Live VNS का ऑफिशियल वाट्सऐप पेज 👇👇   https://whatsapp.com/channel/0029VaAPWex65yD2LWG35A25     Live VNS - भरोसा 1 दशक से लाखों बनारसियों का - बनारस की बात, बनारस के साथ  अपने शहर के लेकर देश-दुनिया, खेल, धर्म, आध्यात्म, राशिफल, पञ्चाङ्ग तथा फ़िल्म और व्यापार जगत की ताजा-तरीन खबरों को पढ़ने के लिए अभी डाउनलोड करें Live VNS का ऑफिशियल एंड्रॉएड ऐप।  http://play.google.com/store/apps/details?id=in.livevns.app.native

प्रमुख मान्यताएं
नागपंचमी पर मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था की गहरी जड़ों को उजागर किया। दिनभर श्रद्धालु नागदेवता और नागेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे।

नागकुआं मंदिर

नागकुआं मंदिर

नागकुआं मंदिर

नागकुआं मंदिर

नागकुआं मंदिर

नागकुआं मंदिर

Share this story