देव दीपावली 2025 : 15 लाख दीपों की रोशनी से जगमग होंगे काशी के घाट, 20 लाख लोगों के आने की संभावना
वाराणसी। कार्तिक पूर्णिमा पर काशी के 84 घाट 15 लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठेंगे। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी देव दीपावली का महापर्व काशी में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एक नवंबर से चार नवंबर तक राजघाट पर काशी गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। वहीं पांच नवंबर को देव दीपावली का पर्व है। उन्होंने बताया कि विगत सालों की तरह इस बार भी 15 लाख दीप जलाने की तैयारी है। सभी अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। सभी 84 घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित की जाएगी, लेजर शो और आतिशबाजियां भी होंगी।

उन्होंने बताया कि लगभग 20 लाख जनता के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। पिछले वर्षों की व्यवस्था को देखते हुए इस बार जाम के एरिया को चिह्नित करते हुए ट्रॉफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है।

मंडलायुक्त ने बताया कि बारिश और गंगा के जलस्तर पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस साल गंगा में पानी डेढ़ मीटर कम है और प्रतिघंटा एक सेंटिमीटर की रफ्तार से पानी घट रहा है। जैसे जैसे पानी घटता जा रहा है, हम सिल्ट की सफाई निरंतर करा रहे हैं। देव दीपावली तक सभी घाटों पर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कर ली जाएगी।
मंडलायुक्त ने बताया कि काशी गंगा महोत्सव का शुभारंभ 1 नवम्बर को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग, श्री रवीन्द्र जायसवाल तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा। महोत्सव में संगीत की सभी विधाओं की प्रस्तुति होगी, जिसमें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी प्रमुखता दी गई है।
उन्होंने बताया कि 1 से 4 नवम्बर तक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, वहीं राजघाट समेत विभिन्न कुंडों और तालाबों पर समितियों द्वारा एक साथ दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन विभाग एवं महोत्सव समिति द्वारा 10 लाख से अधिक मिट्टी के दीपकों की व्यवस्था की गई है। दीपक, तेल और बाती का वितरण 31 अक्टूबर से राजघाट पर प्रारंभ किया जाएगा। गंगा के दोनों तटों को मिलाकर दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए 20 सेक्टर बनाए गए हैं और सभी सेक्टरों के नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।
मंडलायुक्त राजलिंगम ने बताया कि देव दीपावली के अवसर पर वाराणसी में ‘काशी-कथा’ नामक 25 मिनट का 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें काशी की दिव्यता, इतिहास और आस्था के अद्भुत संगम को दर्शाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और डमरू की गूंज से होगी, जो भगवान शिव की उपस्थिति का प्रतीक होगा। इसके बाद भगवान शिव-पार्वती विवाह, भगवान विष्णु की चक्र पुष्करिणी, भगवान बुद्ध के धर्मोपदेश, संत कबीर व तुलसीदास की भक्ति परंपरा और महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय तक की यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह 3-D प्रोजेक्शन मैपिंग शो एक-एक घंटे के अंतराल पर तीन बार (रात्रि 8:15, 9:00 और 9:35 बजे) पर्यटकों के लिए निःशुल्क प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के सामने रात्रि 8:00 बजे 10 मिनट की ग्रीन आतिशबाजी भी निःशुल्क आयोजित की जाएगी।
राजलिंगम ने कहा कि इस बार का काशी गंगा महोत्सव और देव दीपावली दोनों ही “कण-कण में काशी, रस-रस में बनारस” की भावना को नई भव्यता और आध्यात्मिकता के साथ प्रस्तुत करेंगे।
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