डिप्टी सीएम ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा ई-रिक्शा, लखपति दीदी अभियान को मिलेगी रफ्तार

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वाराणसी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में रविवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में तीन नए कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर कराए गए। डिप्टी सीएम ने समूह की पांच महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर लाभान्वित किया। इससे लखपति दीदी अभियान को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। 
 

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बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर नवनिर्मित बारात घरों के संचालन की योजना को आगे बढ़ाते हुए तीन ग्राम संगठनों और तीन ग्राम पंचायतों रघुनाथपुर, बेसहुपुर (विकासखंड सेवापुरी) तथा सिवो (विकासखंड चिरईगांव) के बीच अनुबंध कराया गया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम दर पर मांगलिक कार्यक्रमों के लिए स्थान और कैटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे ग्रामीणों को लाभ मिलने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हों। वर्तमान में जनपद में 60 बारात घरों के संचालन की प्रक्रिया चल रही है। उपमुख्यमंत्री ने अन्य ग्राम पंचायतों में भी सर्वे कर बारात घर निर्माण के निर्देश दिए।

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इसके साथ ही जीएमआर वीआर लक्ष्मी ग्रुप और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के बीच पिंक ऑटो संचालन को लेकर अनुबंध किया गया। इस समझौते के तहत वाराणसी में 160 पिंक ऑटो चालकों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री उद्यमिता योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पिंक ऑटो, ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस की सुविधा दी जाएगी। जीएमआर वीआर लक्ष्मी ग्रुप द्वारा प्रत्येक ऑटो पर 35 हजार रुपये का सीएसआर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ई-ऑटो की खरीद बाजार मूल्य की तुलना के बाद न्यूनतम दर पर सुनिश्चित की जाए।

डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और UPSRLM के सहयोग से महिलाओं को एक सप्ताह का व्यवस्थित ड्राइविंग प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 2.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान कर ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में 30 महिलाओं को ई-रिक्शा दिया जा चुका है और 108 महिलाओं को प्रशिक्षण प्राप्त हो चुका है। जनपद में कुल 250 महिलाओं को ई-रिक्शा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे महिलाएं प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस अवसर पर अराजीलाइन, सेवापुरी, काशी विद्यापीठ, चोलापुर और अन्य विकासखंडों की पांच महिलाओं पार्वती देवी, पूजा देवी, माला देवी, पूनम देवी और संगीता देवी को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। मुनारी गांव की पूनम देवी ने बताया कि वह ई-रिक्शा से प्रतिदिन लगभग 1800 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कैंटीन खुलवाई जाएं, जिससे प्रदेशभर में एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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