मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, सपा ने SIR पर उठाए सवाल

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वाराणसी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और इसके पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

सपा के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आम मतदाताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हो रही हैं। पार्टी ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है या नाम जुड़वाने में उसे परेशानी होती है तो इससे निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर लोगों की चिंता बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित शिकायतों का पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से समाधान जरूरी है।

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पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग
समाजवादी पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर न हो जाएं। सपा ने मांग की कि पुनरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों और मतदाताओं को प्रक्रिया से संबंधित पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। आयोग के पोर्टल पर मतदाता पिछले एसआईआर की सूची में अपना नाम खोजने तथा नोटिस से संबंधित दस्तावेज जमा करने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

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निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
सपा ने कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका के कारण उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों से निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सपा ने कहा कि इन आशंकाओं को दूर करने के लिए आयोग को पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।

पार्टी ने यह भी कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है तो उसे इसकी जानकारी मिलनी चाहिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज कराने तथा नाम पुन: शामिल कराने का अवसर दिया जाना चाहिए।
 

नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग
समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा देने की मांग की है। यह मांग ऐसे समय उठाई गई है जब एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों का निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध तेज हुआ है।

सपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता लोकतंत्र में जनता के विश्वास से जुड़ी है। इसलिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठ रही शिकायतों और आशंकाओं का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। पार्टी ने मांग की कि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने के साथ ही नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी सुगम बनाई जाए।

सपा ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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