BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं

WhatsApp Channel Join Now

छात्र प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली पर जोर, जामिया और AMU का उदाहरण देकर उठाए सवाल

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने छात्रसंघ भवन पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। आंदोलनरत विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने, उनके हितों की रक्षा करने और प्रशासन के समक्ष उनकी आवाज पहुंचाने के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि संस्था का होना जरूरी है। छात्रों ने छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से ठोस पहल करने और स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है।

छात्रों का कहना है कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना शिक्षा, संस्कार, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक चेतना के उद्देश्यों के साथ की थी। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में छात्रसंघ की अनुपस्थिति विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े करती है। उनका मानना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और मांगों को सामूहिक रूप से रखने के लिए एक निर्वाचित मंच मिलना चाहिए।

123

जामिया और AMU का उदाहरण देकर उठाई मांग
छात्रसंघ बहाली की मांग कर रहे विद्यार्थियों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्र प्रतिनिधित्व तथा चुनाव से जुड़ी गतिविधियों का हवाला देते हुए BHU में भी इस दिशा में पहल करने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि जब दूसरे विश्वविद्यालयों में छात्र लोकतंत्र और प्रतिनिधित्व को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, तो काशी हिंदू विश्वविद्यालय में भी इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों के मुताबिक, छात्र प्रतिनिधित्व मजबूत होने से उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने, उन पर चर्चा कराने और जवाबदेही तय करने में मदद मिल सकती है।

फीस से लेकर छात्रावास तक के मुद्दे अहम
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ केवल चुनाव कराने या पदाधिकारियों के चयन तक सीमित व्यवस्था नहीं है। यह विद्यार्थियों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करने का माध्यम भी है। फीस, छात्रावास, पुस्तकालय, शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर निर्वाचित प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सोशल मीडिया से आगे बढ़कर भागीदारी पर जोर
छात्रों ने नई पीढ़ी की लोकतांत्रिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि आज के युवा सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने के साथ ही अपने अधिकारों, शिक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों पर जमीनी स्तर पर भी सक्रिय हो रहे हैं। छात्रसंघ बहाली की मांग को किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित न मानकर विद्यार्थियों के प्रतिनिधित्व से जुड़ा विषय बताया गया। छात्रों की मांग है कि प्रशासन इस मुद्दे पर संवाद स्थापित करे और बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाए। फिलहाल छात्रसंघ भवन पर शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने के जरिए विद्यार्थी अपनी मांग को मजबूती से सामने रख रहे हैं।

BK Pathak
BK Pathak

21443 Articles

Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

Share this story