BHU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को हटाने की मांग तेज, छात्रों ने EC सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन 

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। BHU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। ट्रॉमा सेंटर में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था के आरोपों को लेकर छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) के सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री महेन्द्रनाथ पांडे को ज्ञापन सौंपकर ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. सौरभ सिंह को तत्काल पद से हटाने की मांग की। छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई।

छात्रों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर की कार्यप्रणाली लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है और इससे न केवल अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर कई गंभीर खामियां देखने को मिल रही हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

123

ज्ञापन में छात्रों ने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में बाहरी हस्तक्षेप और प्रशासनिक दबाव के चलते कई महत्वपूर्ण निर्णय प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इन मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। छात्रों ने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होने तक डॉ. सौरभ सिंह को पद से हटाया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो सके।

प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं EC सदस्य महेन्द्रनाथ पांडे ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को कार्यकारी परिषद की बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

छात्र नेता शिवांश सिंह ने कहा कि जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों के आरोप लगे हों, उन्हें महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि BHU देश की प्रतिष्ठित शिक्षण और चिकित्सा संस्थाओं में शामिल है, इसलिए यहां पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू होना बेहद जरूरी है।

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Share this story