राशि-नक्षत्र के हिसाब से राखियों की डिमांड, भाई की तरक्की और सुख-समृद्धि की कामना

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रुद्राक्ष, प्राकृतिक पत्थरों और ग्रह-नक्षत्र आधारित डिजाइन वाली राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, पसंद के अनुसार भी तैयार हो रहीं राखियां

रक्षाबंधन पर बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ ज्योतिषीय मान्यताओं से जुड़ी राखियों का बढ़ा चलन

12 राशियों, नौ ग्रहों और नक्षत्रों के अनुसार राखियों की रेंज, रुद्राक्ष और प्राकृतिक पत्थरों वाली राखियों की भी मांग

भाई की राशि और जन्म नक्षत्र की जानकारी लेकर खरीदारी कर रहीं बहनें, भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी डिमांड

वाराणसी। रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बहनें भाइयों के लिए राखियों की खरीदारी में जुटी हैं। इस बार पारंपरिक धागे वाली राखियों के साथ राशि, नक्षत्र और ग्रहों के अनुसार तैयार की गई राखियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। बहनें भाई की राशि और जन्म नक्षत्र की जानकारी लेकर उसके अनुरूप राखी पसंद कर रही हैं। मान्यता है कि राशि और नक्षत्र के अनुसार राखी का चयन भाई के जीवन में सकारात्मक प्रभाव और सुख-समृद्धि का प्रतीक बन सकता है।

राखी बाजार में इस बार रुद्राक्ष, प्राकृतिक पत्थरों और राशि-नक्षत्र से जुड़ी डिजाइन वाली राखियों की भी अच्छी मांग है। कई बहनें ऐसी राखियों को पसंद कर रही हैं, जिन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। उनका कहना है कि रुद्राक्ष और प्राकृतिक पत्थरों वाली राखियां भाई की कलाई पर लंबे समय तक रहने के साथ शुभता का प्रतीक भी मानी जाती हैं।

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भाई की राशि देखकर हो रही खरीदारी
बहनें भाई की राशि और जन्म नक्षत्र के अनुसार राखी चुन रही हैं। कारोबार से जुड़े भाइयों के लिए व्यापार, उन्नति और समृद्धि से जुड़ी मान्यताओं के अनुरूप राखियां पसंद की जा रही हैं। वहीं छोटे भाइयों के लिए उनकी राशि और नक्षत्र के हिसाब से राखियों का चयन किया जा रहा है। खरीदारी के दौरान बहनें भाई के स्वास्थ्य, सफलता, सुरक्षा और सुख-समृद्धि की कामना को भी ध्यान में रख रही हैं।

पसंद के अनुसार तैयार हो रही राखियां
दुकानदार अंजली ने बताया कि बाजार में 12 राशियों, नौ ग्रहों और नक्षत्रों के हिसाब से राखियों की अलग-अलग रेंज उपलब्ध है। ग्राहक की मांग के अनुसार राखियां तैयार भी कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन के मद्देनजर इस तरह की राखियों की मांग बढ़ी है और भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इनकी अच्छी मांग बताई जा रही है।

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ग्राहक अंकिता यादव ने बताया कि वह भाइयों के लिए राशि के हिसाब से राखी लेने आई हैं। उनका कहना है कि ऐसी राखी भाई की कलाई पर लंबे समय तक रहे और उनके स्वास्थ्य व समृद्धि की कामना पूरी हो। वहीं श्रुति पटेल ने कहा कि वह ऐसी राखी लेना चाहती हैं, जिससे भाई की सुरक्षा और उन्नति की कामना जुड़ी हो और महादेव की कृपा बनी रहे।

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हालांकि, राशि और नक्षत्र के अनुसार राखी से सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बातें धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। बाजार में इन राखियों की बढ़ती मांग से इस बार रक्षाबंधन पर परंपरा के साथ ज्योतिषीय मान्यताओं का नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है।

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