बीएचयू अस्पताल में स्वास्थ सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग, आईएमएस निदेशक और एमएस को सौंपा पत्रक 

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वाराणसी। सर सुंदरलाल चिकित्सालय, बीएचयू में मरीजों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आईएमएस-बीएचयू के निदेशक और सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात की। छात्र नेता आशुतोष सिंह ‘यीशु’ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए सुधार की मांग का ज्ञापन सौंपा।

छात्रों ने कहा कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में यहां मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल परिसर में कथित दलाली पर प्रभावी रोक लगाने, बाहरी दलालों और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर नियंत्रण करने की मांग की।

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ज्ञापन में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात ओपीडी स्टाफ, नर्स और अन्य कर्मचारियों का प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार नियमित रोटेशन अथवा स्थानांतरण करने की मांग भी शामिल रही। छात्रों ने मरीजों को अनावश्यक रूप से एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजे जाने की समस्या का हवाला देते हुए प्रभावी ट्रायेज और रेफरल सिस्टम लागू करने की मांग की, ताकि मरीजों को कम समय में संबंधित विभाग और विशेषज्ञ तक पहुंचाया जा सके।

छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आयुष्मान भारत योजना के काउंटरों की संख्या बढ़ाने और कार्डियोलॉजी ओपीडी का निर्धारित समय पर नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चिकित्सकों की समयबद्ध उपस्थिति की निगरानी और व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। ज्ञापन में ओपीडी में परामर्श के बाद मरीजों को निजी संस्थानों में इलाज अथवा ऑपरेशन के लिए ले जाने संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई। छात्रों ने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

इसके अलावा बुजुर्ग, दिव्यांग, गंभीर और चलने में असमर्थ मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध कराने, उनके नियमित रखरखाव तथा ओपीडी, इमरजेंसी और प्रमुख प्रवेश द्वारों पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। आशुतोष सिंह ‘यीशु’ ने कहा कि छात्रों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर मरीजों को सम्मानजनक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाना है। उन्होंने मरीजों की शिकायतों के लिए प्रभावी और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने तथा ओपीडी, इमरजेंसी, आयुष्मान काउंटर, रेफरल व्यवस्था और चिकित्सकों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा की मांग की।

इस दौरान धीरज, राजू, शुभम, केतन, आदित्य, हिमांशु और राकेश समेत अन्य छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि अस्पताल प्रशासन मरीजों के हित में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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