BHU विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक की मांग, मानित प्रबंधक को सौंपा पत्रक
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर विवाद सामने आया है। ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के सहसंयोजक पतंजलि पांडेय ने मंदिर के मानित प्रबंधक को पत्र सौंपकर गर्भगृह में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। पत्र में मंदिर की धार्मिक परंपराओं, मर्यादा और पवित्रता का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि बीएचयू परिसर का श्री विश्वनाथ मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। मंदिर में प्रतिदिन छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ गाइड विदेशी पर्यटकों को मंदिर के गर्भगृह तक ले जा रहे हैं। पत्र में दावा किया गया है कि इनमें कुछ विदेशी पर्यटक ईसाई धर्म को मानने वाले भी हैं।
धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की मांग
पतंजलि पांडेय की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि मंदिर के निर्माण के समय से ही गर्भगृह की धार्मिक पवित्रता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश से संबंधित परंपराएं और व्यवस्थाएं रही हैं। ऐसे में गर्भगृह में प्रवेश कराने से पहले मंदिर की निर्धारित व्यवस्था और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ पर्यटक गाइड कथित तौर पर टिप या अन्य लाभ के उद्देश्य से विदेशी पर्यटकों को गर्भगृह तक ले जाते हैं। पत्र में इसे मंदिर की धार्मिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताते हुए ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
गाइडों की गतिविधियों पर निगरानी की मांग
पत्र के माध्यम से मंदिर प्रबंधन और विश्वविद्यालय प्रशासन से मंदिर में प्रवेश से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से लागू कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही गर्भगृह की मर्यादा और धार्मिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने मंदिर परिसर में पर्यटकों को लेकर आने वाले गाइडों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को मंदिर की निर्धारित परंपराओं और नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
प्रशासन के रुख पर नजर
शिकायत में कहा गया है कि श्री विश्वनाथ मंदिर की धार्मिक पहचान और परंपराओं को देखते हुए गर्भगृह की व्यवस्था बनाए रखना मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करे और गर्भगृह में प्रवेश से संबंधित नियमों को स्पष्ट करे।फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से इस पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर है। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर लागू नियमों और मौजूदा व्यवस्था पर प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना है।

