वीरांगना लक्ष्मीबाई को दीपांजलि : जन्मस्थली पर दो दिवसीय स्मृति समारोह का शुभारंभ, वीरांगना एक्सप्रेस की उठी मांग

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वाराणसी। देश की स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना और झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई की 168वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उनकी जन्मस्थली भदैनी में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तेज आंधी और बारिश के बावजूद जागृति फाउंडेशन तथा महारानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थान स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्मृति समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर वीरांगना को नमन किया।

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समारोह का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के लोक भूषण सम्मान से सम्मानित साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र, फिल्म निर्माता एवं निर्देशक दिलीप कुमार, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की केंद्रीय पुस्तकालय में सेमी असिस्टेंट प्रोफेशनल रामा पांडे, दूरदर्शन के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी चंद्रशेखर शुक्ला, डी.एल. कश्यप, राकेश तिवारी तथा जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने संयुक्त रूप से प्रथम दीप जलाकर किया।

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इसके बाद मारवाड़ी सेवा संस्कृत उच्चतर विद्यालय के वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. जयप्रकाश मिश्र ने कहा कि काशी की बेटी और झांसी की रानी महारानी लक्ष्मीबाई ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता और काशीवासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि ऐसी वीरांगना का जन्म इस पवित्र नगरी में हुआ।

समाजसेवी नागेश सिंह ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने केंद्र सरकार से वाराणसी से ग्वालियर तक संचालित बुंदेलखंड एक्सप्रेस का नाम बदलकर "वीरांगना एक्सप्रेस" किए जाने की मांग दोहराई। 

उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा तथा प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को पहले भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कार्यक्रम में अवनीप द्विवेदी, अमरेंद्र सिंह, विनय कुमार मिश्रा, हरिनाथ गौड़, राजकुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक एवं वेदपाठी बटुक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रामयश मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्वनाथ यादव और विनय कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत किया।

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