दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 120 भवन ध्वस्त, 12 और इमारतों पर चला बुलडोजर

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वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम और चौड़ा मार्ग विकसित करने की दिशा में दालमंडी क्षेत्र में चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडियों में शुमार दालमंडी इन दिनों बुलडोजरों और मशीनों की आवाज से गूंज रही है। प्रशासन जहां इस परियोजना को शहर के विकास और यातायात सुधार के लिए महत्वपूर्ण बता रहा है, वहीं वर्षों से यहां कारोबार और निवास कर रहे लोगों के मन में भविष्य को लेकर चिंता भी बनी हुई है।

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गुरुवार को जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम 12 भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी के साथ क्षेत्र में पहुंची। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले मुनादी कराई गई, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया कि जिन 12 भवनों को हटाया जाना है, उनमें से तीन से पांच भवन स्वामियों ने स्वयं ही अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। शेष भवनों पर प्रशासनिक टीम कार्रवाई करेगी।

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उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत कुल 181 भवन चिह्नित किए गए थे। इनमें से अब तक 120 भवनों को हटाया जा चुका है। गुरुवार की कार्रवाई पूरी होने के बाद यह संख्या बढ़कर 132 हो जाएगी। प्रभावित भवन स्वामियों को मुआवजे के रूप में अब तक लगभग 56 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

धार्मिक स्थलों को लेकर भी प्रशासन और संबंधित समितियों के बीच लगातार संवाद जारी है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की जद में आने वाले छह धार्मिक स्थलों के कुछ हिस्सों को हटाया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में सहमति बनाने और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया पर बातचीत चल रही है।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री बल और विभिन्न थानों की फोर्स तैनात की गई है। साथ ही ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश न हो। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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