दालमंडी सड़क चौड़ीकरण : 13 भवनों के ध्वस्तीकरण की मुनादी, विरोध में बंद रहीं दुकानें, सुरक्षा के मद्देनजर भारी फोर्स तैनात
वाराणसी। दालमंडी में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए 13 भवनों का ध्वस्तीकरण कराया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को मुनादी कराई गई। इसके विरोध में दुकानें बंद रहीं। इससे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में भारी फोर्स तैनात रही।

विकास प्राधिकरण की ओर से दालमंडी क्षेत्र में मुनादी कराई गई। ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से स्पष्ट रूप से बताया गया कि जिन भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके स्वामी और निवासकर्ता तत्काल भवन खाली कर दें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते भवन खाली नहीं किए गए, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत अब तक 55 भवनों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यह परियोजना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

इस बीच, संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मौके पर निगरानी रखे हुए हैं और स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

दुकानें बंद होने से परेशानी
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को विरोध स्वरूप सैकड़ों व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। इस विरोध का सीधा असर शादी-विवाह और त्योहारों की खरीदारी के लिए आए ग्राहकों पर पड़ा, जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

व्यापारियों का कहना है कि दालमंडी दशकों से स्थापित व्यावसायिक केंद्र है, जहां सैकड़ों परिवारों की आजीविका निर्भर है। उनका आरोप है कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था और स्पष्ट पुनर्वास योजना के ध्वस्तीकरण की तैयारी करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि कार्रवाई से पूर्व उन्हें पर्याप्त और स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। दालमंडी क्षेत्र शादी-विवाह से जुड़े बर्तन, किराना, मसाले, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी का प्रमुख केंद्र माना जाता है। दुकानों के बंद रहने से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहक बिना खरीदारी किए लौटने को मजबूर हो गए। ग्राहकों ने भी मंडी बंद होने पर नाराजगी जताई।
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