कफ सिरप कांड : शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई गिरफ्तार, रुपयों के लेन-देन के राज उगले, बैंक स्लीप से पुलिस को मिला सुराग
वाराणसी। प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए थाना कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने कफ सिरप मामले से जुड़े अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी आदित्य जायसवाल कफ सिरप कांड में वांछित चल रहे शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई है। बैंक स्लीप पर उसका नाम मिलने से पुलिस को सुराग लगे। उसने पुलिस की पूछताछ में रुपयों के लेन-देन के राज उगले हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान साक्ष्य संकलन के आधार पर अभियुक्त आदित्य जायसवाल का नाम प्रकाश में आया। पूछताछ में उसके विरुद्ध पर्याप्त व ठोस साक्ष्य मिलने पर उसे नियमानुसार हिरासत में ले लिया गया। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त आदित्य जायसवाल, कफ सिरप मामले में वांछित व फरार चल रहे अभियुक्त शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई है। आदित्य जायसवाल सप्तसागर दवा मंडी स्थित “श्री स्वास्तिक फार्मा” नामक दुकान का प्रोपराइटर है, जिसे वह पिछले सात- आठ वर्षों से संचालित कर रहा था। वहीं शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल द्वारा रांची (झारखंड) में “शैली ट्रेडर्स” नाम से कंपनी संचालित की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि करीब दो वर्ष पहले शुभम जायसवाल ने अपने मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत कई फर्में केवल फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल बनाने के उद्देश्य से खुलवाई थीं। इन फर्मों के जरिए प्रतिबंधित कोडीन युक्त फेंसीडिल कफ सिरप की कागजों में सप्लाई दिखाकर उसे अन्य स्थानों पर अधिक मुनाफे में बेचा जाता था। इसी कड़ी में “शिव इंटरप्राइजेज” नामक फर्म के खाते में नकद धनराशि जमा कराने की जिम्मेदारी आदित्य जायसवाल को सौंपी गई थी।
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसे इस पूरे अवैध कारोबार की जानकारी थी। वह शुभम जायसवाल से नकद पैसा लेकर इंडियन बैंक, पीली कोठी शाखा में जमा करता था। जांच में करीब एक करोड़ रुपये की नकद जमा का प्रमाण भी मिला है, जिसकी पुष्टि बैंक प्रबंधन द्वारा की गई है। अभियुक्त ने बताया कि गलती से एक बैंक स्लिप पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिख देने के कारण वह पुलिस के रडार में आ गया। गिरफ्तार अभियुक्त आदित्य जायसवाल जालपा देवी, थाना चौक का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी 12 जनवरी 2026 को थाना कोतवाली से की गई। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह, उपनिरीक्षक अंकित सिंह, उपनिरीक्षक मनीष सिंह, कांस्टेबल अखिलेश कुमार एवं कांस्टेबल शिवाजी चन्द शामिल रहे।

