SI भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर विवाद, ‘पंडित’ शब्द को विकल्प बनाने पर काशी में ब्राह्मणों का विरोध प्रदर्शन

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को कथित रूप से ‘अवसरवादी’ विकल्प के रूप में शामिल किए जाने से ब्राह्मण समाज में नाराजगी फैल गई है। इस मामले को लेकर काशी में ब्राह्मण समाज के लोगों ने गंगा तट पर विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

रविवार को बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग एकत्रित होकर गंगा घाट पहुंचे और प्रश्नपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रश्नपत्र में जिस तरह से ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के रूप में रखा गया है, वह ब्राह्मण समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। उनका कहना है कि यह किसी साजिश के तहत किया गया प्रतीत होता है।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसी और उससे जुड़े पैनल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस प्रकार के प्रश्न समाज में अनावश्यक विवाद और वैमनस्य पैदा कर सकते हैं, इसलिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं और ऐसे संवेदनशील विषयों को प्रश्नपत्र में शामिल करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर इस तरह की लापरवाही या जानबूझकर की गई हरकत सामने आती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होना जरूरी है।

प्रदर्शन में शामिल तीर्थ पुरोहित पवन पांडे ने कहा कि ब्राह्मण समाज का सम्मान सदियों से ज्ञान और परंपरा से जुड़ा रहा है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को इस तरह के संदर्भ में प्रस्तुत करना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। ब्राह्मण समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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