बीएचयू में होली आयोजन पर विवाद, बिरला चौराहे पर छात्रों का धरना
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में होली समारोह के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी बिरला चौराहे पर जुट गए और धरना देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
परिसर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं होली मना रहे थे। डीजे की धुन पर अबीर-गुलाल उड़ रहा था और युवा उत्साह के साथ रंगोत्सव में शामिल थे। इसी बीच विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा डीजे की बिजली आपूर्ति कटवा दी गई और पानी की व्यवस्था भी रोक दी गई, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

इस कार्रवाई से नाराज छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के प्रमुख स्थल बिरला चौराहा पर एकत्र हो गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और स्पष्ट नीति की मांग की। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि इस तरह के हस्तक्षेप से परिसर का वातावरण अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण हो जाता है। उनका कहना था कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं थी।
छात्रों ने यह भी कहा कि यदि सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर कोई दिशा-निर्देश या प्रतिबंध हैं, तो उन्हें पहले से सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अचानक कार्यक्रम रोकने से न केवल छात्रों की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि त्योहार का उत्साह भी प्रभावित हुआ। कुछ विद्यार्थियों ने प्रशासन के रवैये को कठोर बताते हुए संवाद की कमी को विवाद की मुख्य वजह बताया।

घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई। देर शाम तक छात्र धरने पर डटे रहे और प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग करते रहे। फिलहाल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है। होली जैसे सांस्कृतिक पर्व के बीच उत्पन्न यह विवाद परिसर में संवाद, समन्वय और स्पष्ट नीति की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।

