आईआईटी में प्रवेश को मंजिल नहीं, नई शुरुआत मानिए, निदेशक ने नवप्रवेशी छात्रों को पढ़ाया जीवन का पाठ, सवालों के जवाब जिज्ञासाओं का किया समाधान
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने रविवार को स्वतंत्रता भवन, बीएचयू में आयोजित ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान नवप्रवेशित स्नातक (यूजी) विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों का संस्थान में स्वागत करते हुए कहा कि आईआईटी में प्रवेश सफलता की अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि जीवन की एक नई शुरुआत है।

उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता को विनम्रता के साथ स्वीकार करने तथा असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जीवन का हिस्सा हैं और उनसे घबराने के बजाय उन्हें सीखने के अवसर के रूप में लेना चाहिए। टीमवर्क, संवाद कौशल, नवाचार, उद्यमिता और जोखिम उठाने की क्षमता को भविष्य की सफलता का आधार बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक, शोध, खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम के मानद सलाहकार प्रो. आर. के. मंडल, डीन (एकेडमिक अफेयर्स) प्रो. देवेंद्र सिंह, डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स) प्रो. राजेश कुमार, एसोसिएट डीन (एकेडमिक अफेयर्स–यूजी) प्रो. इंद्रजीत सिन्हा, एसोसिएट डीन (एकेडमिक अफेयर्स–पीजी) प्रो. कौशिक चट्टोपाध्याय, एसोसिएट डीन (एकेडमिक अफेयर्स–कोर कोर्सेज) प्रो. अनुराग ओहरी, एसोसिएट डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स) प्रो. मेधा झा, एसोसिएट डीन (रिसोर्सेज एंड एलुमनाई) डॉ. एन. साहू, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के समन्वयक प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, सीएफडीईटी के समन्वयक प्रो. प्रद्युम्न घोष, ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मिश्रा तथा चीफ प्रॉक्टर प्रो. संजय कुमार सिंह सहित संस्थान के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
व्याख्यान के बाद प्रो. अमित पात्रा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की भावना के साथ अपने शैक्षणिक जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

