कांग्रेस का नगर निगम पर घेराव: मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने के फैसले के खिलाफ धरना, बड़े आंदोलन की चेतावनी
वाराणसी। मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने के फैसले के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी नगर निगम परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की गई।

छोटे व्यापारियों के हितों का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम का यह फैसला मीट-मांस के छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनने वाला है। उनका कहना था कि इस निर्णय से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। प्रदर्शन में व्यापार से जुड़ी महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं और फैसले का विरोध जताया।

महापौर और नगर आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने महापौर और नगर आयुक्त पर बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के तुगलकी फरमान जारी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि किसी भी नीति को लागू करने से पहले उससे प्रभावित व्यापारियों से बातचीत की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

आदेश वापस न लेने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शहर के बाहर मीट-मांस की दुकानें संचालित करने संबंधी आदेश वापस नहीं लिया गया तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी।

सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए नगर निगम परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। सिगरा थाना क्षेत्र की पुलिस पूरे समय मौके पर मौजूद रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रदर्शन के दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए नगर निगम के फैसले का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग दोहराई।



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