BHU कर्मचारियों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन, कनिष्ठ लिपिक परीक्षा स्थगन की मांग हुई तेज

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन स्थित धरना स्थल पर कनिष्ठ लिपिक परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी और महानगर कांग्रेस कमेटी का समर्थन मिला। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उनके आंदोलन को न्यायपूर्ण बताते हुए हर स्तर पर साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

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राजेश्वर सिंह पटेल और राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में धरना स्थल पहुंचा। वहां नेताओं ने आंदोलनरत कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को गंभीर बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासन नई परीक्षा आयोजित कर उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल रहा है।

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वीडियो कॉल पर अजय राय ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने वीडियो कॉल के माध्यम से कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों की बात ध्यान से सुनी और कहा कि कांग्रेस पार्टी उनके हक और न्याय की इस लड़ाई में पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की आवाज को हर स्तर पर उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने BHU प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त बयान में BHU प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहा है। वर्षों से नियमितीकरण का मामला लंबित है, लेकिन उसे सुलझाने के बजाय परीक्षा आयोजित करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया और अधिसूचनाओं में पारदर्शिता की कमी है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

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‘पुराने कर्मचारियों को दरकिनार करना अन्यायपूर्ण’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो कर्मचारी वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें दरकिनार कर नई भर्ती प्रक्रिया लागू करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने वाला है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं और कर्मचारियों के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। रोजगार के अवसर घट रहे हैं और पहले से कार्यरत कर्मचारियों के अधिकार भी सुरक्षित नहीं हैं।

मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा कर्मचारियों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी इसी तरह उनके साथ खड़ी रहेगी।

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दर्जनों नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना स्थल पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन, घनश्याम सिंह, हसन मेहदी, सुनील राय, रोहित दुबे, अजय सिंह, हिमांशु सिंह, परवेज खान, याशीन राईन, सैय्यद आदिल और संतोष कनोजिया समेत दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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