काशी दौरे पर सीएम योगी का विकास और कानून-व्यवस्था पर फोकस, सावन तैयारियों से लेकर रोप-वे, जल जीवन मिशन तक की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश
दो दिवसीय वाराणसी दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सीएम बोले- एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण 18 माह में करें पूर्ण
छोटी नावों का नगर निगम से कराया जाए पंजीकरण
दालमंडी चौड़ीकरण, जल जीवन मिशन, रोप-वे और यूनिटी मॉल परियोजना में तेजी लाने का दिया निर्देश
श्रावण मास में काशीवासियों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था और बेहतर भीड़ प्रबंधन के निर्देश
सड़क खुदाई के बाद तत्काल रेस्टोरेशन, पुलिस पेट्रोलिंग और आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
विकास परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जनपद में संचालित प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण 18 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय करने को कहा। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के संबंध में उन्होंने शेष भवनों का नियमानुसार मुआवजा वितरण कर शीघ्र ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
अगस्त तक पूरा होगा रोप-वे का काम
बैठक में वाराणसी रोप-वे परियोजना की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना का कार्य अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार निर्माणाधीन यूनिटी मॉल, आनंद काशी, रुद्र काशी और काशी स्पोर्ट्स सिटी जैसी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

नाविकों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने गंगा में नाव संचालन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्थानीय नाविकों के साथ बैठक आयोजित करने तथा छोटी नावों का नगर निगम के माध्यम से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने नाविकों को लाइफ जैकेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और नदी में सुरक्षित नौकायन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सड़क खुदाई और अंडरग्राउंड केबलिंग पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग और पाइपलाइन कार्यों के दौरान जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ देने की शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक हो तथा सड़कों का रेस्टोरेशन समय पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की संभावना नहीं रहनी चाहिए।

श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा
बैठक में आगामी श्रावण मास की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के लिए अलग दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मैदागिन से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग इस प्रकार की जाए कि स्थानीय व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस, पेयजल, स्वच्छता, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने तथा सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर भवनों के समीप बैरिकेडिंग में विशेष सावधानी बरतने तथा बैरिकेड्स को इस प्रकार लगाने को कहा कि किसी श्रद्धालु को चोट न पहुंचे। उन्होंने श्रावण मास में मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मचारियों की ड्यूटी में नियमित बदलाव करने का भी निर्देश दिया, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सामने न आए।
कानून-व्यवस्था पर भी विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा प्रत्येक छह माह में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर मनमाने शुल्क की वसूली रोकने के लिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
536 परियोजनाएं पूरी, 191 पर काम जारी
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 से अब तक वाराणसी में 36,210 करोड़ रुपये की लागत वाली 536 विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। वर्तमान में लगभग 25,007 करोड़ रुपये की लागत वाली 191 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था और श्रावण मास की सुरक्षा तैयारियों की प्रस्तुति दी। वहीं एडीजी पीयूष मोर्डिया ने वाराणसी जोन के नौ जिलों में अपराध नियंत्रण, गो-तस्करी, अवैध शराब के खिलाफ अभियान और ऑपरेशन वज्रपात के तहत हुई कार्रवाई की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बेहतर पुलिसिंग, सतर्कता और प्रभावी यातायात प्रबंधन पर विशेष बल दिया।
इनकी रही उपस्थिति
बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ सुनील पटेल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, डीएफओ निधि चौहान समेत सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

