वाराणसी में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ की जांच की मांग, हिंदू महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप, सीएम योगी और राष्ट्रीय महिला आयोग से SIT जांच की मांग
वाराणसी। वाराणसी में हिंदू जनजागृति समिति ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ कथित उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई है। समिति ने इस पूरे मामले को ‘कॉरपोरेट जिहाद’ करार देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय महिला आयोग से हस्तक्षेप की अपील की है।

ज्ञापन के जरिए उठाए मुद्दे
समिति की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में पिछले चार वर्षों से हिंदू महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण के लिए दबाव, और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
SIT जांच और ऑडिट की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच राज्य अपराध शाखा (CID) के अनुभवी अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) से कराई जाए। साथ ही राज्य की सभी आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का विशेष सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट कराने की भी बात कही गई है, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर
समिति ने यह भी मांग की है कि जिन कंपनियों ने आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को निष्क्रिय रखा या शिकायतों को दबाया, उनके CEO और निदेशक मंडल के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया की भी जांच की मांग की गई है कि कहीं किसी विशेष समुदाय को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भेदभाव तो नहीं किया जा रहा।
राष्ट्रीय महिला आयोग से हस्तक्षेप की अपील
ज्ञापन में राष्ट्रीय महिला आयोग से स्वतः संज्ञान लेकर देशभर की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी करने की अपील की गई है, ताकि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में कई लोग रहे मौजूद
इस दौरान वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, महामंत्री कंविंद्र जायसवाल, सुनील चौरसिया सहित कई पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। समिति के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

